नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने एक फिल्मी अंदाज़ के हाई-रिस्क ऑपरेशन में तीन कुख्यात ऑटो लिफ्टर बदमाशों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने वेस्ट दिल्ली से विवेक विहार तक पीछा किए जाने के दौरान पुलिस बैरिकेड, पुलिस गाड़ियों और आम नागरिकों की गाड़ियों को टक्कर मारकर भागने की कोशिश की।
यह कार्रवाई उस समय की गई जब पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि Mukherjee Nagar से चोरी की गई सफेद रंग की KIA Seltos कार, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी, विवेक विहार इलाके में देखी गई है।
बैरिकेड तोड़े, जानलेवा हमला
पुलिस ने विवेक विहार के ITI अंडरपास पर कन (बैरिकेड) लगाकर गाड़ी को रोकने की कोशिश की, लेकिन बदमाशों ने जानबूझकर बैरिकेड में टक्कर मारी, फिर गाड़ी को रिवर्स कर पुलिस और पीछा कर रही आम जनता की गाड़ियों को भी ठोक दिया।
पूरी तरह घिर जाने के बाद बदमाशों ने SUV को डिवाइडर पर चढ़ाकर भागने की कोशिश की, लेकिन वाहन वहीं फंस गया।
SUV लॉक, पुलिस ने शीशे तोड़े
तीनों बदमाशों ने खुद को SUV के अंदर लॉक कर लिया और बाहर निकलने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने हथौड़े और डंडों से गाड़ी के शीशे तोड़े और तीनों को बाहर निकालकर गिरफ्तार किया।
इस कार्रवाई में दो पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनकी मेडिकल जांच (MLC) कराई गई।

लंबे आपराधिक रिकॉर्ड वाले आरोपी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
| नाम | उम्र | मूल स्थान | आपराधिक रिकॉर्ड |
|---|---|---|---|
| अखिल | 40 वर्ष | मुजफ्फरनगर, यूपी | 27 से अधिक केस |
| मशरूर | 56 वर्ष | सुल्तानपुर, यूपी | 17 केस |
| आसिफ | 42 वर्ष | मेरठ, यूपी | 2 केस |
जांच में सामने आया है कि यह गैंग KIA Seltos, Hyundai Creta, Toyota Fortuner जैसी हाई-एंड लग्जरी गाड़ियों की चोरी में माहिर था और इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम को भी ओवरराइड करने की तकनीक जानता था।

हत्या के प्रयास का मामला दर्ज
पुलिस पर जानलेवा हमला करने और गाड़ियों से कुचलने की कोशिश के चलते आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
यह पूरा ऑपरेशन एंटी ऑटो-थैफ्ट स्क्वाड ने इंस्पेक्टर मुकेश मीणा के नेतृत्व में करीब 15–20 दिनों की निगरानी के बाद अंजाम दिया।
आगे की जांच
अब पुलिस जांच कर रही है:
- गैंग का इंटर-स्टेट नेटवर्क
- चोरी की गाड़ियों की सप्लाई चेन
- हाई-एंड कारों की सिक्योरिटी सिस्टम तोड़ने की तकनीक
स्थानीय लोगों ने बताया कि शुरुआत में उन्हें यह रोड-रेज की घटना लगी, लेकिन बाद में पता चला कि यह लाइव पुलिस ऑपरेशन था।
पुलिस की सराहना
वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस टीम की बहादुरी, संयम और रणनीतिक कार्रवाई की सराहना की और कहा कि समय रहते कार्रवाई न होती तो बड़े जानमाल के नुकसान की आशंका थी।

