नई दिल्ली: बुराड़ी में टूटी सड़कों, वर्षों से चल रहे अधूरे सीवर कार्य और बदहाल बुनियादी सुविधाओं के खिलाफ लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। स्थानीय व्यापारियों, वकीलों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने बाजार बंद कर विरोध मार्च निकाला और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने आरोप लगाया कि इलाके में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर सड़कों को वर्षों से खोदकर छोड़ दिया गया है, लेकिन काम अब तक पूरा नहीं हुआ। इसका नतीजा यह है कि बुराड़ी की कई मुख्य और अंदरूनी सड़कें गड्ढों, धूल, कीचड़ और जाम से भर गई हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 100 फुटा रोड, 60 फुटा रोड, बाबा कॉलोनी रोड, जगतपुर रोड और कई गलियों की हालत बेहद खराब है। लोगों का कहना है कि पांच मिनट का रास्ता तय करने में दो से तीन घंटे तक लग जाते हैं।
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि बरसात के समय सड़कें कीचड़ और जलभराव से भर जाती हैं, जबकि सूखे मौसम में धूल का ऐसा गुबार उठता है कि चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है। इससे बुजुर्गों, बच्चों, दुकानदारों और रोजाना आने-जाने वालों को भारी परेशानी हो रही है।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि बाइक सवार अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं, वाहनों को नुकसान हो रहा है और दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। कई लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क की बदहाली के कारण एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड या किसी अन्य आपातकालीन सेवा की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है।
वकीलों और स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि करीब तीन साल से हालात बेहद खराब हैं, लेकिन न तो विधायक और न ही सांसद ने कोई ठोस समाधान दिया। लोगों ने बुराड़ी के विधायक संजीव झा और सांसद मनोज तिवारी का नाम लेते हुए कहा कि लगातार शिकायतों के बावजूद सड़कों और सीवर कार्य को समय पर पूरा नहीं कराया गया।
प्रदर्शन की खास बात यह रही कि इसमें अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोग शामिल हुए। बाजार बंद रहे, आम नागरिक बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे और लोगों ने साफ कहा कि यह किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि बुराड़ी के लोगों के जीवन और बुनियादी सुविधाओं का सवाल है।
कई प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सीवर का काम होना जरूरी है, लेकिन सवाल यह है कि यह काम आखिर कब तक चलता रहेगा और सड़कें कब तक ऐसी ही बदहाल रहेंगी। लोगों का आरोप है कि टेंडर बार-बार बढ़ाए जा रहे हैं, लेकिन जनता की परेशानी का अंत नहीं हो रहा।
बुराड़ी के इस विरोध ने साफ कर दिया है कि इलाके में नागरिक नाराजगी अब चरम पर पहुंच चुकी है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़कों की मरम्मत और अधूरे काम पूरे नहीं किए गए, तो आंदोलन और तेज होगा।

