नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराध और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते नेटवर्क के खिलाफ राष्ट्रव्यापी कार्रवाई के तहत “ऑपरेशन CyHawk 4.0” शुरू किया है। यह अभियान देशभर में फैले संगठित डिजिटल फ्रॉड नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
यह ऑपरेशन गृह मंत्रालय के अंतर्गत इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के साथ मिलकर एक महीने तक चली खुफिया जानकारी जुटाने की प्रक्रिया के बाद तैयार किया गया। जांच के दौरान साइबर हॉटस्पॉट्स की पहचान, म्यूल बैंक खातों का विश्लेषण, संदिग्ध लेनदेन की ट्रैकिंग और डिजिटल ट्रेल्स का मिलान कर प्रमुख आरोपियों और नेटवर्क की पहचान की गई।
अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई से साइबर फ्रॉड नेटवर्क के व्यापक और संगठित स्वरूप का खुलासा हुआ है, जो कई राज्यों में सक्रिय थे।
ऑपरेशन CyHawk 4.0 की प्रमुख उपलब्धियां:
• 8,371 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की गई।
• 1,429 आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई, जिनमें गिरफ्तारी और हिरासत शामिल है।
• साइबर फ्रॉड नेटवर्क के बैकवर्ड लिंक से जुड़े 2,203 संदिग्धों को वैधानिक नोटिस जारी किए गए।
• 499 नए एफआईआर दर्ज किए गए, जबकि 324 लंबित मामलों का निपटारा किया गया।
• राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) की 3,564 शिकायतों को महत्वपूर्ण जांच में जोड़ा गया।
• इस अभियान में ₹520 करोड़ से अधिक की ठगी का खुलासा हुआ।
यह कार्रवाई साइबर अपराध के बढ़ते जटिल स्वरूप को उजागर करती है और यह दर्शाती है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां इन चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार अपनी रणनीति को मजबूत कर रही हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से ऑनलाइन लेनदेन करते समय सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करने की अपील की है।

