नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि बड़ी तिरंगा रैलियों, लाठीचार्ज और पुलिस के साथ झड़पों के पुराने तथा संदर्भ से हटाए गए वीडियो वर्तमान घटनाओं के नाम पर साझा किए जा रहे हैं।
16 अक्टूबर को जारी फैक्ट-चेक अलर्ट में पुलिस ने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से वीडियो आगे भेजने से पहले उसका स्रोत जांचने और अपुष्ट सामग्री साझा करने से बचने की अपील की।

पुलिस ने ऐसे वीडियो के प्रसार को भ्रामक सूचना बताया है। हालांकि पोस्ट के पाठ में संबंधित वीडियो की मूल तारीखों और स्थानों की अलग-अलग सूची नहीं दी गई है।
यह चेतावनी वीडियो के भ्रामक प्रसार के संबंध में दिल्ली पुलिस का दावा है। इससे ऑनलाइन साझा हो रहे हर वीडियो की तारीख या संदर्भ स्वतः स्थापित नहीं हो जाता। किसी वीडियो को वर्तमान घटना का प्रमाण बताने से पहले उसकी अलग से पुष्टि जरूरी है।
पुलिस ने भ्रामक सूचना पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। उपयोगकर्ताओं को सत्यापित मूल अपलोड और अपुष्ट विवरण वाली दोबारा साझा की गई सामग्री के बीच अंतर देखना चाहिए।

