नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली में अवैध मलबा डंपिंग एक गंभीर नागरिक और पर्यावरणीय समस्या का रूप ले चुकी है। यमुना पार्क के आसपास की सड़कें कथित तौर पर मलबा डंपिंग जोन बनती जा रही हैं, जिससे न केवल प्रदूषण बढ़ रहा है बल्कि सड़क हादसों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।
इसी क्रम में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब शाहदरा दक्षिणी जोन के डिप्टी चेयरमैन राजू सचदेवा ने कड़क-कड़ी मोड़ के पास मलबा डाल रहे एक ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की। आरोप है कि ट्रैक्टर चालक ने उन्हें कुचलने का प्रयास किया और मौके से भागने की कोशिश की।
बताया जा रहा है कि राजू सचदेवा ने हिम्मत दिखाते हुए ट्रैक्टर का पीछा किया और चालक को पकड़ लिया, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मामले में प्रीत विहार थाना पुलिस ने ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है और चालक से पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह अवैध मलबा डंपिंग किसी संगठित माफिया नेटवर्क का हिस्सा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से हो रही अवैध मलबा डंपिंग के कारण धूल प्रदूषण, सड़क पर फिसलन और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। कुछ निवासियों ने इस पूरे मामले में अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप भी लगाया है, जिसके चलते यह अवैध गतिविधि खुलेआम जारी है।
नागरिक प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि अवैध मलबा डंपिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही और स्थायी निगरानी व्यवस्था लागू की जाए, ताकि क्षेत्र को प्रदूषण और हादसों से बचाया जा सके।

