नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि उसके जालंधर क्षेत्रीय कार्यालय ने कथित ‘डंकी रूट’ अवैध आव्रजन नेटवर्क से जुड़े धनशोधन मामले में दिल्ली के टिकटिंग और ट्रैवल एजेंट तरुण खोसला को 23 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया। ईडी के अनुसार विशेष पीएमएलए अदालत ने एजेंसी को 30 अक्टूबर तक उसकी हिरासत दी है।
एजेंसी ने बताया कि जांच पंजाब और हरियाणा पुलिस की आपराधिक तथा आव्रजन कानूनों के तहत दर्ज एफआईआर पर आधारित है। फरवरी 2025 में अमेरिका से 300 से अधिक भारतीयों को निर्वासित किया गया था। उन पर मेक्सिको सीमा के रास्ते कथित तौर पर अवैध प्रवेश करने का आरोप था।

तरुण खोसला पर वीजा और सीमा तक के रास्तों की व्यवस्था का आरोप
ईडी का आरोप है कि एजेंट और बिचौलिए लोगों को कानूनी तरीके से अमेरिका भेजने का वादा करते थे, लेकिन उन्हें दक्षिण और मध्य अमेरिकी देशों से गुजरने वाले खतरनाक तथा अवैध रास्तों पर भेजा जाता था। इसमें ‘डॉन्कर’ कहलाने वाले स्थानीय बिचौलियों की मदद ली जाती थी। एजेंसी के अनुसार लोगों से लगभग ₹30 लाख से ₹60 लाख तक लिए जाते थे।
एजेंसी के मुताबिक पंजाब और हरियाणा के एजेंट पासपोर्ट तथा पैसे इकट्ठा करके दिल्ली में खोसला को सौंपते थे। ईडी ने आरोप लगाया कि वह गुयाना, सूरीनाम, इक्वाडोर और अल सल्वाडोर जैसे पारगमन देशों के लिए वीजा तथा हवाई टिकट की व्यवस्था करता था। वह आगे अमेरिका की सीमा की ओर लोगों को भेजने, रास्ते तय करने और प्रति व्यक्ति शुल्क निर्धारित करने में भी शामिल था।
जब्त मोबाइल फोन से मिली चैट में कथित तौर पर विदेशी संपर्कों के साथ आव्रजन मंजूरी, टिकट, यात्रियों की आवाजाही और अमेरिकी डॉलर में भुगतान का समन्वय सामने आया। ईडी ने खोसला पर पीत ज्वर के नकली या जाली टीकाकरण प्रमाणपत्रों की व्यवस्था करने का भी आरोप लगाया है।
नकद जमा और पहले की तलाशी
ईडी ने बताया कि वित्त वर्ष 2022–23 से 2024–25 के दौरान खोसला की एकल स्वामित्व वाली फर्म बीआई इंटरनेशनल के बैंक खाते में 414 लेनदेन के जरिए कुल ₹30.38 करोड़ नकद जमा हुए।
एजेंसी के अनुसार 18 और 19 दिसंबर 2025 को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में हुई तलाशी के दौरान खोसला के परिसरों से ₹4.62 करोड़ नकद, लगभग 5.9 किलोग्राम सोना तथा करीब 313 किलोग्राम चांदी की छड़ें जब्त की गईं। ईडी ने इस नकदी और कीमती धातुओं का कुल मूल्य ₹19.14 करोड़ बताया। तीसरे पक्ष के 50 से अधिक मूल पासपोर्ट, लेनदेन के रिकॉर्ड, संपत्ति के दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद हुए।
विज्ञप्ति में 9 और 11 जुलाई 2025 को 19 स्थानों पर हुई तलाशी का भी उल्लेख है। ईडी के अनुसार इनमें दस्तावेजों और डिजिटल सामग्री के अलावा निकारागुआ तथा इथियोपिया से संबंधित नकली आव्रजन और वीजा मुहरें मिली थीं। व्यापक जांच में 15 दिसंबर 2025 के एक पूर्व आदेश के तहत लगभग ₹5.41 करोड़ की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की गई थीं।
ईडी का आरोप है कि यह नेटवर्क अवैध यात्रा की पूरी व्यवस्था करता था और कई वर्षों से कमीशन कमा रहा था। आगे की जांच जारी है।

