गाजीपुर बॉर्डर से लश्कर लिंक आतंकी गिरफ्तार, दिल्ली में बड़ा हमला टला

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नई दिल्ली: राजधानी नई दिल्ली एक बार फिर बड़े आतंकी हमले की दहलीज पर खड़ी थी, लेकिन दिल्ली पुलिस की सतर्कता और समय पर कार्रवाई ने एक खतरनाक साजिश को नाकाम कर दिया। स्पेशल सेल ने गाजीपुर बॉर्डर से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार कर लिया है, जो देश में बड़े हमलों की तैयारी कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, शब्बीर अहमद लोन कोई सामान्य अपराधी नहीं बल्कि पाकिस्तान में प्रशिक्षित एक खतरनाक आतंकी है, जो बांग्लादेश में बैठकर भारत के खिलाफ अपना नेटवर्क चला रहा था। उसने दिल्ली और कोलकाता जैसे शहरों में स्लीपर सेल तैयार करने की योजना बनाई थी और इसके लिए लगातार युवाओं की भर्ती की जा रही थी।

जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पहले अपने मॉड्यूल की क्षमता जांचने के लिए दिल्ली और कोलकाता में भारत विरोधी पोस्टर लगवाए थे। इसके बाद उसके सहयोगियों ने कई संवेदनशील स्थानों—जैसे धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक इलाकों—की रेकी कर वीडियो तैयार कर उसे भेजे थे।

दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाहा के अनुसार, फरवरी में स्पेशल सेल ने कोलकाता और तमिलनाडु में कार्रवाई करते हुए कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें सात बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे। इनकी पूछताछ में ही शब्बीर अहमद लोन का नाम सामने आया था, जो पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक था।

जांच में यह भी सामने आया है कि शब्बीर ने बांग्लादेश को अपना सुरक्षित ठिकाना बना लिया था और वहीं से पूरे मॉड्यूल को संचालित कर रहा था। उसने कोलकाता को लॉन्चिंग पैड के रूप में इस्तेमाल किया और दिल्ली में नई भर्ती और हमलों की योजना को अंतिम रूप देने के लिए खुद आया था।

उसका मकसद दिल्ली के भीड़भाड़ वाले बाजारों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना था। इसके लिए वह बेरोजगार युवाओं को बहकाकर स्लीपर सेल सक्रिय करने की कोशिश कर रहा था।

गौरतलब है कि शब्बीर अहमद लोन का आपराधिक इतिहास भी लंबा रहा है। उसे 2007 में दिल्ली पुलिस ने AK-47 और ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया था। उस समय भी उसके संबंध आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े पाए गए थे। वह 2018 तक तिहाड़ जेल में बंद रहा और रिहा होने के बाद फिर से सक्रिय हो गया।

अब गिरफ्तारी के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसके नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं, फंडिंग कहां से हो रही थी और क्या देश में अभी भी कोई सक्रिय स्लीपर सेल मौजूद है।

इस कार्रवाई से एक बार फिर साफ हो गया है कि सीमा पार बैठे आतंकी भारत में दहशत फैलाने की कोशिश करते हैं, लेकिन भारतीय सुरक्षा एजेंसियां उनके हर मंसूबे को नाकाम करने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं।

यह भी पढ़ें: दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी: बहु-राज्य आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड गिरफ्तार


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