नई दिल्ली: एमसीडी की स्थायी समिति ने 70 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें तैनात करने और दस वर्षों तक उनके संचालन व रखरखाव की लगभग ₹923.57 करोड़ की योजना मंजूर की है। निगम की इस योजना का प्रमुख उद्देश्य सड़कों पर जमा धूल और वाहनों की आवाजाही से उड़ने वाले धूलकणों को कम करना है।
सत्या शर्मा की अध्यक्षता वाली समिति ने दिल्ली के 126 प्रवेश बिंदुओं पर बैरियर-मुक्त टोल वसूली व्यवस्था के लिए निविदा जारी करने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया। साथ ही जन-स्वास्थ्य विभाग के 1,066 रिक्त पद भरने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए। ये फैसले 30 अक्टूबर की बैठक के बाद घोषित किए गए।
दस साल के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी
एमसीडी के अनुसार छोटी क्षमता वाली सफाई मशीनें इलेक्ट्रिक होंगी, जबकि बड़ी मशीनों के लिए इलेक्ट्रिक या सीएनजी का विकल्प रखा गया है।
काम को तीन पैकेजों में बांटा गया है। 29 मशीनों के लिए लॉयन सर्विसेज लिमिटेड को ₹369.53 करोड़, 28 मशीनों के लिए जीए इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड और वीएन इंजीनियरिंग कंपनी के सहसंघ को ₹368.83 करोड़ तथा 13 मशीनों के लिए जेएस एनवायरो सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को ₹185.20 करोड़ का काम देने की स्वीकृति दी गई है।
एजेंसियां मशीनों की तैनाती के साथ दस वर्षों तक उनके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी निभाएंगी।
126 बिंदुओं पर बैरियर-मुक्त टोल की तैयारी
मौजूदा आरएफआईडी व्यवस्था को उन्नत कर मल्टी लेन फ्री फ्लो तकनीक लागू करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। प्रस्तावित व्यवस्था में आरएफआईडी और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन तकनीक से चलते व्यावसायिक वाहनों की पहचान होगी, ताकि उन्हें पथ कर और पर्यावरण प्रतिपूर्ति प्रभार यानी ईसीसी चुकाने के लिए बैरियर पर रुकना न पड़े।
तकनीकी बदलाव के दौरान मौजूदा आरएफआईडी व्यवस्था से वसूली जारी रहेगी। बिना भुगतान गुजरने वाले वाहनों की पहचान के बाद डिजिटल नोटिस जारी करने का प्रावधान भी होगा।
उच्चस्तरीय समिति ने पथ कर संग्रहण के लिए ₹910 करोड़ सालाना न्यूनतम आरक्षित मूल्य की सिफारिश की है। एमसीडी ने स्पष्ट किया कि यह निविदा की आधार राशि है, निगम की सुनिश्चित आय नहीं। ईसीसी का संग्रह वास्तविक वसूली के आधार पर होगा।
स्थायी समिति ने आरएफपी के तीनों खंड मंजूर करते हुए निविदा जारी करने की अनुमति दी। निगम के अनुसार बैरियर-मुक्त व्यवस्था से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को ध्यान में रखकर निविदा दस्तावेजों की समीक्षा की गई है।
जन-स्वास्थ्य के 1,066 पदों पर भर्ती प्रक्रिया
विभाग में 14 एंटी मलेरिया अधिकारी, 105 मलेरिया निरीक्षक, 398 सहायक मलेरिया निरीक्षक और 549 एमटीएस पद रिक्त हैं। शर्मा ने पद भरने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने और नियमित नियुक्तियों में समय लगने पर संविदा या अनुबंध के आधार पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कमी से मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम, क्षेत्रीय निरीक्षण और निगरानी प्रभावित हो सकती है।
जोन उपायुक्तों को कार्यालयों का औचक निरीक्षण करने तथा उपस्थिति और कार्यप्रणाली की निगरानी के निर्देश भी मिले। नागरिकों और पार्षदों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान जोन स्तर पर करने को कहा गया, ताकि उन्हें बार-बार निगम मुख्यालय न जाना पड़े।
प्रत्येक वार्ड में वर्षा जल संचयन की सुविधा वाला कम से कम एक पार्क विकसित करने और पारित प्रस्तावों पर कार्रवाई की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में पक्ष और विपक्ष के पार्षदों ने सफाई, सड़क मरम्मत, कर्मचारियों की कमी, पार्कों के रखरखाव और नागरिक सुविधाओं के मुद्दे उठाए।

