नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के बाहरी उत्तरी जिले की एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी के सात दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। यह जानकारी बुधवार को जारी पुलिस विज्ञप्ति में दी गई।
एक नज़र में
- पहली कार्रवाई: वज़ीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया से 27 वर्षीय जसवंत गिरफ्तार; रोहिणी में रामलीला ग्राउंड के पास से दो मोटरसाइकिल और तीन स्कूटर बरामद।
- दूसरी कार्रवाई: भलस्वा डेयरी इलाके में चोरी की बाइक पर सवार मोहसिन गिरफ्तार; कुल दो चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद, जो विजय विहार और समयपुर बादली थानों के मामलों से जुड़ी हैं।
चोरी के वाहन खरीदने-बेचने वाला गिरफ्तार
पुलिस को 3 नवंबर को गुप्त सूचना मिली थी कि रोहिणी के सेक्टर 31 स्थित पप्पू कॉलोनी का रहने वाला जसवंत चोरी की मोटरसाइकिल और स्कूटर खरीदने-बेचने में शामिल है। एएटीएस की टीम ने उसे वज़ीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया के ए-ब्लॉक से पकड़ लिया।
पूछताछ में जसवंत ने कथित तौर पर बताया कि उसने ऐसे पांच वाहन रोहिणी के सेक्टर 28 में रामलीला ग्राउंड के पास भगवान अपार्टमेंट के नज़दीक छिपा रखे हैं। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वहां से पांच वाहन बरामद किए, जिनमें दो मोटरसाइकिल और तीन स्कूटर हैं। जांच में पता चला कि ये वाहन अलग-अलग थानों में दर्ज चोरी के मामलों से जुड़े हैं। उसे 4 नवंबर को बीएनएसएस की धारा 35.1(e) के तहत गिरफ्तार किया गया।
वाहन चोरी का मामला सुलझा
दूसरी कार्रवाई में एएटीएस की एक और टीम ने भलस्वा डेयरी इलाके में छापा मारकर बाइक पर सवार एक संदिग्ध को रोका। उसकी पहचान सलीम अख्तर के बेटे मोहसिन के रूप में हुई और बाइक विजय विहार थाने में ई-एफआईआर संख्या 021479/2026 के तहत चोरी की पाई गई। उसे 3 नवंबर को बीएनएसएस की धारा 35.1(e) के तहत गिरफ्तार किया गया।
मोहसिन ने कथित तौर पर एक और चोरी की मोटरसाइकिल के बारे में भी जानकारी दी। पुलिस ने उसे बरामद किया, जो समयपुर बादली थाने में दर्ज ई-एफआईआर संख्या 021670/2026 से जुड़ी पाई गई।
आगे की जांच
दोनों कार्रवाइयां अतिरिक्त डीसीपी-I लोकेश्वरन आर के मार्गदर्शन में, एसीपी (ऑपरेशंस) दिनेश कुमार की निगरानी में और एएटीएस प्रभारी इंस्पेक्टर आनंद कुमार झा के नेतृत्व में की गईं। पुलिस के अनुसार, ऑटो-लिफ्टिंग नेटवर्क के अन्य लोगों की पहचान करने, वाहनों की खरीद-बिक्री और निपटान के रास्तों का पता लगाने और आरोपियों की अन्य अनसुलझे वाहन चोरी मामलों में भूमिका की जांच जारी है।

