नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर चल रहे विवाद के बीच राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर पार्टी पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को “स्क्रिप्टेड और कोऑर्डिनेटेड अटैक” बताया।
राघव चड्ढा ने कहा कि उनके खिलाफ एक जैसी भाषा, एक जैसे आरोप और एक जैसा नैरेटिव चलाया जा रहा है, जो किसी संयोग का नहीं बल्कि एक सुनियोजित अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्होंने प्रतिक्रिया देने से परहेज किया, लेकिन बार-बार झूठ बोले जाने से लोगों के भ्रमित होने की आशंका को देखते हुए जवाब देना जरूरी समझा।
उन्होंने आम आदमी पार्टी द्वारा लगाए गए तीन मुख्य आरोपों को एक-एक कर खारिज किया।
पहले आरोप—कि वह संसद में विपक्ष के वॉकआउट में शामिल नहीं होते—को उन्होंने “सफेद झूठ” बताया और चुनौती दी कि कोई एक उदाहरण पेश किया जाए जब उन्होंने विपक्ष का साथ नहीं दिया हो। उन्होंने कहा कि संसद में लगे CCTV कैमरों से इसकी पुष्टि की जा सकती है।
दूसरे आरोप—कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया—को भी उन्होंने गलत बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के किसी भी नेता ने उन्हें इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने के लिए नहीं कहा था। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब कई अन्य सांसदों ने भी हस्ताक्षर नहीं किए, तो केवल उन्हें ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है।
तीसरे आरोप—कि वह डर के कारण गंभीर मुद्दे नहीं उठाते—को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि वह संसद में जनता के मुद्दे उठाने के लिए गए हैं, न कि हंगामा करने के लिए। उन्होंने बताया कि उन्होंने जीएसटी, आयकर, बेरोजगारी, महंगाई, सार्वजनिक स्वास्थ्य, प्रदूषण और रेलवे यात्रियों की समस्याओं जैसे कई अहम मुद्दे उठाए हैं।
उन्होंने कहा, “मैं संसद में शोर मचाने नहीं, बल्कि जनता की आवाज उठाने गया हूं।”
अपने बयान के अंत में राघव चड्ढा ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए हर झूठे आरोप का जवाब दिया जाएगा और सच्चाई सामने लाई जाएगी। उन्होंने कहा, “मैं घायल हूं, इसलिए घातक हूं।”
इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी के भीतर चल रही खींचतान और तेज हो गई है, जिस पर राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं।

