नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के रोहिणी इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए बीच सड़क पर 78 वर्षीय बुजुर्ग दुकानदार के साथ मारपीट की। इस घटना ने लोगों में गुस्सा और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह मामला रोहिणी सेक्टर 7/8 का बताया जा रहा है, जहां कार पार्किंग को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुकानदारों ने महिला से केवल इतना कहा था कि वह अपनी गाड़ी सड़क से हटा लें, जिससे रास्ता साफ हो सके।
लेकिन महिला ने बात मानने के बजाय खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए दबाव बनाना शुरू कर दिया। उसने अपना नाम सब-इंस्पेक्टर भारती तोमर बताया और दावा किया कि उसका पूरा परिवार पुलिस में है।
आरोप है कि इसी दौरान महिला ने 78 वर्षीय बुजुर्ग दुकानदार को थप्पड़ मारा और उनके साथ मारपीट की, जिससे वह घायल हो गए। इस उम्र में जहां सम्मान मिलना चाहिए, वहां इस तरह की घटना ने लोगों को झकझोर दिया है।
घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए और विरोध शुरू हो गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को बुलाया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महिला पुलिस के साथ भी बहस करती और उनके साथ जाने में आनाकानी करती नजर आ रही है।
फिलहाल पुलिस घायल बुजुर्ग के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—अगर महिला सच में पुलिसकर्मी है, तो क्या उसे कानून तोड़ने का अधिकार मिल जाता है? और अगर नहीं, तो आखिर कोई कैसे पुलिस की पहचान का दुरुपयोग कर आम लोगों को डराने की हिम्मत कर सकता है?
यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति पर हमले का नहीं, बल्कि कानून और व्यवस्था पर लोगों के भरोसे से जुड़ा है। अब सभी की नजर पुलिस की कार्रवाई पर है कि इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं।

