नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में आभूषण बनाने का काम जारी रख रहे दो भाइयों को दिल्ली के 2011 के आभूषण मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार दोनों करीब 15 साल से गिरफ्तारी से बच रहे थे।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उनकी पहचान पिंटू कोले, 47, और मिंटू कोले, 46, के रूप में की है। सेंट्रल रेंज की टीम ने दोनों को 1 और 2 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात पश्चिम बंगाल के हुगली से गिरफ्तार किया। यह जानकारी 4 अक्टूबर की विज्ञप्ति में दी गई है।
Crime Branch Delhi Police (@CrimeBranchDP) — October 4, 2026
आभूषण बनाने के लिए सौंपे गए थे सोना और हीरे
मामला दिल्ली के एक जौहरी की शिकायत से जुड़ा है। आरोप है कि भाइयों ने आभूषण बनाने के लिए सौंपे गए 1,430 ग्राम सोने और 560 कैरेट हीरों को हड़प लिया था।
पुलिस के अनुसार आभूषण बनाने और डिजाइन करने में प्रशिक्षित दोनों भाई 2009 में दिल्ली आए थे। उन्होंने कई जौहरियों के साथ काम कर अपना कौशल बढ़ाया और ग्राहकों का भरोसा हासिल किया। पुलिस का आरोप है कि बाद में वे सौंपे गए कीमती सामान के साथ दिल्ली छोड़कर पश्चिम बंगाल चले गए।
कोतवाली थाने में 28 फरवरी 2011 को एफआईआर संख्या 33/2011 दर्ज की गई थी। विज्ञप्ति में भारतीय दंड संहिता की धाराएं 406, 34 और 174-ए दी गई हैं। पुलिस ने बताया कि दोनों को घोषित अपराधी करार दिया गया और 2012 में प्रत्येक की गिरफ्तारी पर ₹10,000 का इनाम घोषित हुआ था।
हुगली की सूचना के बाद जमीनी सत्यापन
लंबे समय से फरार आरोपियों को तलाशने के लिए गठित टीम को भाइयों की हुगली में मौजूदगी की विशेष सूचना मिली थी। पुलिस के अनुसार लगातार विश्लेषण, स्थानीय पूछताछ और जमीनी सत्यापन से उन्हें खोजकर गिरफ्तार किया गया।
विज्ञप्ति के अनुसार दोनों कम चर्चित रहकर कोलकाता और हुगली के जौहरियों से आभूषण बनाने के ऑर्डर लेते रहे। पुलिस का आरोप है कि घर और अन्य संभावित ठिकानों पर बार-बार छापों के कारण वे स्थान बदलते रहे।
टीम में उपनिरीक्षक रितेश कुमार, विकास सोलंकी और जय कुमार तथा हेड कांस्टेबल गौरव, बिजेंद्र और हरेंद्र शामिल थे। इंस्पेक्टर विनय कुमार ने एसीपी सतेन्द्र मोहन और डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा की निगरानी में अभियान का नेतृत्व किया।
आगे की जांच जारी
पुलिस का आरोप है कि भाई अपना आभूषण डिजाइन का कारोबार शुरू करना चाहते थे, लेकिन धन की कमी के कारण उन्होंने सौंपे गए सामान से इसके लिए पूंजी जुटाने की योजना बनाई। यह पुलिस का आरोप है और मामले की जांच जारी है।
विज्ञप्ति में आगे की जांच जारी रहने की बात कही गई है। इसमें 2011 के मामले में कथित रूप से हड़पे गए सोने या हीरों की नई बरामदगी की घोषणा नहीं की गई है।
यह रिपोर्ट क्राइम ब्रांच की प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है, जिसका लिंक उसके आधिकारिक एक्स पोस्ट में दिया गया है।

