नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री श्री अशोक सूद के नेतृत्व में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन जनकपुरी विधानसभा क्षेत्र में ब्लॉक C-1 से डाबड़ी चौक तक किया गया। इस यात्रा में 8,000 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसमें जनकपुरी और आस-पास की कॉलोनियों के निवासी, सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक और व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधि, आरडब्ल्यूए पदाधिकारी और कई स्कूलों के बच्चे शामिल रहे। पश्चिमी दिल्ली की सांसद श्रीमती कमलजीत सहारावत भी इस यात्रा में सम्मिलित हुईं। पूरे क्षेत्र में देशभक्ति और एकता का संदेश गूंजता रहा।
अपने संबोधन में श्री सूद ने कहा, “यह तिरंगा यात्रा केवल स्वतंत्रता दिवस का उत्सव नहीं है, बल्कि स्वच्छता, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक बदलाव का संदेश है।” उन्होंने “वोकल फॉर लोकल” अभियान को आगे बढ़ाते हुए लोगों से चीनी मांझा का बहिष्कार करने और देशी मांझा एवं तिरंगे रंग की पतंगों के इस्तेमाल की अपील की।

उन्होंने बच्चों के साथ अपने बचपन की यादें साझा करते हुए कहा कि 15 अगस्त केवल झंडा फहराने और पतंग उड़ाने का दिन नहीं है, बल्कि देश के लिए कुछ सार्थक करने का अवसर है। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रसिद्ध नारे — “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” — को याद करते हुए कहा कि आज देश को खून नहीं, बल्कि जुनून, अच्छे संस्कार और समाज सेवा की जरूरत है।
श्री सूद ने कारगिल के शहीदों को नमन करते हुए कहा कि 20-25 वर्ष के उन युवाओं के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हर नागरिक को सीमा पर जाकर लड़ने की जरूरत नहीं है, बल्कि देशहित में ऐसा कार्य करना चाहिए जिससे आने वाली पीढ़ियां याद रखें — जैसे स्वच्छता बनाए रखना, यातायात नियमों का पालन करना, पर्यावरण की रक्षा करना और सार्वजनिक संपत्ति की देखभाल करना।

इस अवसर पर सांसद श्रीमती कमलजीत सहारावत ने कहा, “तिरंगा केवल सम्मान का प्रतीक नहीं है, बल्कि उन अनगिनत बलिदानों की याद दिलाता है, जिन्होंने हमें इसे फहराने का अधिकार दिलाया।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प का उल्लेख करते हुए नागरिकों से राष्ट्र निर्माण और विकास में योगदान देने की अपील की।