नई दिल्ली, 16 अगस्त 2025: नगर निगम दिल्ली (MCD) ने अपने प्रमुख अभियान “दिल्ली कूड़े से आज़ादी” के तहत ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। 1 से 14 अगस्त 2025 तक चले इस अभियान में जनभागीदारी, सफाई अभियान, कचरा प्रबंधन और सौंदर्यीकरण कार्यों ने मिलकर दिल्ली को और अधिक स्वच्छ और हरित बनाने की दिशा में नई उम्मीद जगाई है।
जनभागीदारी और स्वच्छता संकल्प
इस अभियान में रिकॉर्ड 2,61,059 नागरिकों ने स्वच्छता प्रतिज्ञा ली। हज़ारों लोगों ने जागरूकता रैलियों, प्लॉगिंग रन और सफाई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
व्यापक सफाई अभियान
- 917 ड्राइव सरकारी दफ़्तरों में चलाए गए, जिनमें करीब 10,700 किलो कचरा हटाया गया।
- 1,138 ड्राइव सार्वजनिक शौचालयों में स्वच्छता और दुर्गंध नियंत्रण के लिए किए गए।
- 404 नाइट स्वीपिंग ड्राइव वाणिज्यिक बाज़ारों में संचालित हुए।
- 702 ड्राइव पार्कों और बाग-बगीचों में चलाए गए।
- 1,343 ड्राइव स्कूलों में आयोजित कर छात्रों और स्टाफ को शामिल किया गया।
रिकॉर्ड कचरा संग्रहण
एमसीडी ने बताया कि रोज़ाना नगर ठोस कचरा संग्रह (MSW) 12,373 टन प्रति दिन (TPD) तक पहुंच गया है, जो पिछले महीने के 11,000 TPD से 1,000 टन अधिक है। वहीं निर्माण एवं ध्वंस (C&D) कचरा संग्रहण 3,624 TPD रहा। रेलवे ट्रैक के किनारे से ही करीब 690 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया।
सौंदर्यीकरण और एंटी-लिटरिंग उपाय
- सार्वजनिक स्थानों से 35,192 पोस्टर और बैनर हटाए गए।
- 160 दीवारों पर स्वच्छता संदेशों और भित्तिचित्रों से सौंदर्यीकरण किया गया।
- स्लम क्षेत्रों में 205 कचरा संवेदनशील स्थानों को साफ और बहाल किया गया।
- 417 नालों की सफाई और डी-सिल्टिंग कर जलभराव से बचाव किया गया।
जागरूकता और हरित पहल
सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर रोक लगाने और 2016 के ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के अनुपालन को बढ़ावा देने के लिए 419 जागरूकता अभियान चलाए गए।
6 से 8 अगस्त तक 29,737 पौधारोपण अभियान चलाए गए, जिससे दिल्ली की हरित आच्छादन (green cover) बढ़ाने में योगदान मिला।
युवाओं और छात्रों की भागीदारी
स्कूल आधारित गतिविधियों में 1.26 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया। वहीं, 138 प्लॉग रन ड्राइव्स में 16,691 युवाओं ने भाग लिया, जिसमें फिटनेस और स्वच्छता दोनों का संदेश दिया गया।
चुनौती और एमसीडी का संकल्प
एमसीडी अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली को कचरा मुक्त बनाने में बड़ी चुनौती नागरिकों का व्यवहारिक बदलाव है। कई लोग अब भी कचरा फैलाते हैं और सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का इस्तेमाल करते हैं।
“स्वच्छ दिल्ली के लिए नागरिक चेतना आवश्यक है,” एमसीडी प्रवक्ता ने कहा और आश्वस्त किया कि निगम दिल्ली को गारबेज-फ्री और पर्यावरणीय रूप से स्थायी राजधानी बनाने के लिए सतत प्रयास करता रहेगा।