नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली पुलिस ने राजधानी में फैलाई जा रही दहशत को खत्म करते हुए लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर रंगदारी मांगने वाले सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पंजाब से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने दिल्ली के किलोकरी रोड स्थित गिल जेवर महल के निदेशक से ₹25 लाख की रंगदारी मांगी थी।
डीसीपी अभिषेक दानिया ने बताया कि यह पुलिस की बड़ी कामयाबी है। आरोपियों ने लॉरेंस बिश्नोई के नाम का इस्तेमाल कर राजधानी दिल्ली में डर फैलाने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस की तत्परता से इस साजिश का खुलासा हो गया।

ऐसे चला ऑपरेशन
अगस्त 2025 में शाम करीब 5:15 बजे एक पीसीआर कॉल मिली जिसमें ज्वेलर के निदेशक ने पुलिस को बताया कि उन्हें ₹25 लाख की डिमांड वाला WhatsApp मैसेज और कॉल मिली है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि कई दिनों से एक संदिग्ध गाड़ी उनका पीछा कर रही थी।
पुलिस की साइबर टीम और सीसीटीवी जांच में खुलासा हुआ कि कॉल पंजाब से ओरिजिनेट हुई थी। शुरुआती जांच में रोहित कोहलर (23), जिला तरन तारन का नाम सामने आया जिसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि वह गुरदासपुर निवासी अर्शदीप उर्फ करन (21) के संपर्क में था जिसने इंस्टाग्राम के जरिए उसे टारगेट दिलवाए थे। दोनों को पंजाब से गिरफ्तार किया गया।
मास्टरमाइंड गिरफ्तार, गैंग का नेटवर्क ध्वस्त
पूछताछ में पता चला कि यह एक संगठित गैंग है जो खासकर ज्वेलर्स को टारगेट करता था। जांच में दो और नाम सामने आए – गुरजिंदर सिंह उर्फ गगन और शेरू (गुरदासपुर निवासी)।
- शेरू तीन साल पहले विदेश भाग चुका है और खाड़ी देश में रह रहा है।
- गगन ने अपनी कॉल को ऑस्ट्रेलिया से की हुई बताने की कोशिश की थी, लेकिन उसे पंजाब से ही पकड़ा गया।

करीब 10 दिन तक चली कॉम्बिंग ऑपरेशन के बाद पुलिस ने मास्टरमाइंड गुरजीत सिंह उर्फ गगन (21) को गिरफ्तार कर पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया।
बिश्नोई गैंग का नाम जांच के घेरे में
पुलिस के अनुसार, धमकी भरे मैसेज में सीधे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लिया गया है। हालांकि इस गिरोह से सीधा कनेक्शन अभी जांच के अधीन है।
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गिरफ्तार आरोपी गगन पर पहले से ही हत्या की कोशिश, रंगदारी और हत्या की साजिश जैसे केस पंजाब में दर्ज हैं।