नई दिल्ली: नए साल 2026 के पहले ही दिन दिल्ली-NCR को साफ हवा नसीब नहीं हुई। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है, जिससे लोगों को सुबह से ही जहरीली हवा और कम दृश्यता का सामना करना पड़ा।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, आनंद विहार एक बार फिर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 424 दर्ज किया गया। वज़ीरपुर में AQI 417, जबकि पापरगंज में 402 रिकॉर्ड किया गया, जो सीधे सीवियर श्रेणी में आता है।
दिल्ली के कई अन्य इलाकों में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं।
जेएलएन स्टेडियम और सिरी फोर्ट में AQI 396, आरके पुरम में 393, आईटीओ में 386 और चांदनी चौक में हवा बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई।
दिल्ली से सटे एनसीआर इलाकों में भी हालात बेहतर नहीं हैं। नोएडा सेक्टर-125 में AQI 358 दर्ज किया गया, जिससे साफ है कि प्रदूषण का असर पूरे क्षेत्र में फैला हुआ है।
नए साल की पहली सुबह घने स्मॉग और बेहद कम दृश्यता के साथ हुई। राजधानी के कई इलाकों से आए दृश्यों में सड़कें धुंध की मोटी चादर में लिपटी नजर आईं।
स्थिति को देखते हुए मौसम और स्वास्थ्य विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें घने से बहुत घने कोहरे की चेतावनी दी गई है। यह अलर्ट दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, मेरठ और गोरखपुर सहित कई शहरों के लिए लागू है।
स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को खास सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
जश्न खत्म होने के बाद भी दिल्ली-NCR की हवा में जहर बरकरार है। नया साल शुरू हो चुका है, लेकिन राजधानी की सबसे बड़ी समस्या—प्रदूषण—अब भी वैसी ही बनी हुई है।

