नई दिल्ली: दिल्ली के महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने नगर निगम दिल्ली (MCD) क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी पात्र संपत्ति करदाताओं से संपत्तिकर निपटान योजना 2025–26 (SUNIYO) का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने इसे बकाया प्रॉपर्टी टैक्स निपटाने का “सुनहरा अवसर” बताया।
SUNIYO योजना के तहत, वित्त वर्ष 2020–21 से पहले के सभी संपत्ति कर, ब्याज और जुर्माने पर पूर्ण छूट दी जा रही है, बशर्ते करदाता वर्तमान वित्त वर्ष 2025–26 और उससे पहले के पाँच वर्षों (2020–21 से 2024–25) के लिए केवल मूल कर राशि का भुगतान करें। इस योजना को अब 31 जनवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया है, हालांकि इस अवधि में 5% विलंब शुल्क लागू होगा।
महापौर ने कहा,
“हम सभी संपत्ति मालिकों और निवासियों से आग्रह करते हैं कि वे SUNIYO योजना के तहत इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं और बिना ब्याज व जुर्माने के अपने लंबित संपत्ति कर का निपटान करें।”
योजना को मिला जबरदस्त समर्थन
महापौर ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 तक 1,66,587 करदाताओं ने SUNIYO योजना का लाभ उठाते हुए ₹803.61 करोड़ का संपत्ति कर जमा किया है।
इसमें से ₹188.28 करोड़ की वसूली 1,20,157 आवासीय संपत्तियों से हुई है, जबकि ₹615.32 करोड़ की वसूली 46,430 गैर-आवासीय संपत्तियों से की गई है।
पहली बार टैक्स देने वालों की बड़ी भागीदारी
SUNIYO योजना के तहत 90,139 नए करदाताओं ने पहली बार संपत्ति कर का भुगतान किया, जिनसे ₹312.45 करोड़ का कर संग्रह हुआ। इसे दिल्ली के कर आधार के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
रिकॉर्ड राजस्व वृद्धि
महापौर ने आगे बताया कि चालू वित्त वर्ष 2025–26 में (SUNIYO सहित) अब तक ₹2,642.80 करोड़ का संपत्ति कर संग्रह हुआ है, जो 12,42,875 करदाताओं से प्राप्त हुआ। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 42.1% अधिक राजस्व और 20.52% अधिक करदाता संख्या को दर्शाता है।
उल्लेखनीय है कि पूरे वित्त वर्ष 2024–25 में कुल कर संग्रह ₹2,132.29 करोड़ था, जो वर्तमान वित्त वर्ष में अब तक की वसूली से काफी कम है।
महापौर ने एक बार फिर नागरिकों से अपील की कि वे 31 जनवरी 2026 से पहले SUNIYO योजना का लाभ उठाकर अपने बकाया संपत्ति कर का निपटान करें और नगर निगम के राजस्व को सुदृढ़ बनाने में सहयोग दें।

