नई दिल्ली: फरवरी की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर कड़ाके की ठंड का एहसास करा दिया है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय रहने के कारण सोमवार, 2 फरवरी की सुबह दिल्ली-एनसीआर सहित कई इलाकों में ठंड के साथ नमी महसूस की गई। आसमान में बादल छाए रहे, जबकि कहीं हल्का कोहरा तो कहीं धुंध देखने को मिली।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर 3 फरवरी तक बना रहेगा। इस दौरान सुबह और रात के समय ठंड ज्यादा चुभेगी, जबकि दिन में धूप कमजोर रह सकती है। ठंडी हवाओं के कारण तापमान का असर और तेज महसूस होगा।
दिल्ली-एनसीआर में 3 से 7 फरवरी के बीच मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इस अवधि में आसमान आंशिक रूप से बादल छाया रहेगा और सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा देखने को मिल सकता है। 3 से 5 फरवरी तक हवाओं की रफ्तार 5 से 10 किमी प्रति घंटा रहने की संभावना है, जबकि 6 और 7 फरवरी को ठंडी हवाएं तेज होकर 10 से 15 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं।
2 फरवरी को दिल्ली में अधिकतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। 3 से 5 फरवरी के दौरान अधिकतम तापमान गिरकर 18 से 20 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है। वहीं 3 और 4 फरवरी को न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के संकेत हैं।
हिमालयी राज्यों में हालात कहीं अधिक गंभीर बने हुए हैं। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम बेहद खराब रहने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी बर्फबारी जारी है। श्रीनगर, गुलमर्ग, सोनमर्ग और पहलगाम में तापमान माइनस 7 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है। तेज बर्फीली हवाओं के कारण ठंड और बढ़ गई है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू, मनाली, शिमला और चंबा जिलों में बर्फबारी के साथ बारिश हो रही है। इससे सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड में भी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर साफ दिखाई दे रहा है। चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और नैनीताल में बादल छाए हुए हैं, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फ गिर रही है। गंगोत्री और यमुनोत्री में बर्फबारी के कारण तापमान और नीचे चला गया है। अगले 48 घंटे राज्य के पहाड़ी इलाकों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। प्रशासन अलर्ट मोड में है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
मैदानी इलाकों में भी मौसम का असर साफ नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं। पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, मथुरा और अलीगढ़ समेत कई जिलों में हल्की बारिश और तेज हवाएं देखने को मिल रही हैं।
हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, अंबाला, करनाल और रोहतक में ठंडी हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई है। पंजाब के अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और पटियाला में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं राजस्थान के जयपुर, अजमेर, भरतपुर और उदयपुर संभाग में बादल छाए रहने के आसार हैं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस सिस्टम के गुजरने के बाद भी ठंड से तुरंत राहत मिलने की संभावना नहीं है। यानी फरवरी की शुरुआत में सर्दी अभी पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रही।

