नई दिल्ली: भारत सरकार की ‘ड्रग्स के खिलाफ शून्य सहनशीलता’ (Zero Tolerance) नीति के तहत दिल्ली पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), क्राइम ब्रांच ने दो बड़े NDPS मामलों में कार्रवाई करते हुए ₹68 लाख से अधिक की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को फ्रीज़ कर दिया है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि अब कार्रवाई केवल गिरफ्तारी और ड्रग्स बरामदगी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि तस्करों की अवैध कमाई पर सीधा आर्थिक प्रहार भी किया जाएगा।
केस–I: FIR No. 37/25 (धारा 21/25 NDPS Act), इस मामले में दीपक @ लांगी, निवासी मंगोलपुरी, दिल्ली (08 पूर्व मामले, जिनमें 01 NDPS मामला), विक्रम @ बंटी, निवासी पंजाबी कैंप, पीरा गढ़ी, दिल्ली (08 पूर्व मामले, जिनमें 07 NDPS मामले), तुषार, निवासी महावीर एन्क्लेव पार्ट-I, नई दिल्ली (03 NDPS मामले) को गिरफ्तार किया गया पुलिस ने इनके कब्जे से 320 ग्राम हेरोइन (258 ग्राम + 62 ग्राम), जो व्यावसायिक मात्रा है, बरामद की।
वित्तीय जांच में निम्न संपत्तियां ड्रग्स की कमाई से खरीदी गई पाई गईं: TVS Jupiter स्कूटी (DL-5S-AS-2436) — ₹60,000, EcoSport कार (DL-8C-AV-8217) — ₹6,00,000, बैंक बैलेंस ₹1,00,000 (Kotak Mahindra Bank)। कुल फ्रीज़ संपत्ति: ₹7,60,000। दिसंबर 22, 2025 को इंस्पेक्टर राकेश दुहन द्वारा, ACP सतेन्द्र मोहन की निगरानी में फ्रीज़ आदेश जारी किया गया।
केस–II: FIR No. 64/2025 (दिनांक 09.03.2025), धारा 22/25 NDPS Act — इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया: विकाश, निवासी नरेला, दिल्ली — 6,720 कैप्सूल (336 ग्राम) बरामद; पहले 505 Alprazolam और 664 Tramadol कैप्सूल बरामद, सुधीर, निवासी गन्नौर, सोनीपत — 505 Alprazolam और 664 Tramadol कैप्सूल बरामद (एक पूर्व मामला), सुनील कुमार भारद्वाज @ नीतू, निवासी नरेला, दिल्ली — 18,000 Tramadol टैबलेट (1.8 किग्रा) और 7,400 Nitrazepam टैबलेट बरामद, अजीत कुमार @ जीतू, निवासी संगम विहार, दिल्ली — उसके घर से बरामदगी, अम्बर अग्रहरी @ पांडे, निवासी गोरखपुर, दिल्ली — 13.04.2025 को गिरफ्तार, विजय गोयल, निवासी आगरा, यूपी — 05 पूर्व मामले, जिनमें 04 NDPS मामले।
जब्त की गई अवैध संपत्ति
- दुकान संख्या G-32 व G-33, अग्रवाल शॉपिंग प्लाज़ा, नरेला — ₹58,14,000
- स्प्लेंडर मोटरसाइकिल — ₹70,000
- नकद ₹69,500 (अजीत @ जीतू से)
- नकद ₹1,16,000 (अम्बर अग्रहरी @ पांडे से)
- कुल फ्रीज़ संपत्ति: ₹60,69,500
दिल्ली पुलिस का कहना है कि ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए अब आर्थिक जड़ पर वार किया जा रहा है। अवैध संपत्तियों की पहचान और फ्रीज़िंग से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि “अपराध से कमाई अब सुरक्षित नहीं रहेगी।”

