नई दिल्ली: आउटर नॉर्थ जिला दिल्ली पुलिस ने बवाना में हुए सनसनीखेज कारोबारी हत्या मामले का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कथित मास्टरमाइंड भी शामिल है। एक आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोचा, जिसके कब्जे से .32 बोर की पिस्टल, दो खाली कारतूस और बिना नंबर प्लेट की चोरी की बाइक बरामद की गई है। इस मामले में थाना बवाना में एफआईआर संख्या 72/2026 के तहत धारा 103(1), 309(6), 3(5) बीएनएस एवं 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
घटना 9 फरवरी 2026 को सुबह करीब 11:45 बजे की है, जब सेक्टर-4, डीएसआईआईडीसी, बवाना स्थित फैक्ट्री नंबर J-133 और J-21 के सामने अज्ञात बदमाशों ने कारोबारी वैभव गांधी पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। गंभीर रूप से घायल गांधी को एमवी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के अगले दिन सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई, जिसमें विदेश में बैठे कथित गैंगस्टरों के नाम से हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में कई टीमें गठित की गईं। करीब 1000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, तकनीकी सर्विलांस और मानव स्रोतों की मदद से जांच को आगे बढ़ाया गया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि रविंदर उर्फ रवि, जो पहले किसी अन्य कारोबारी के साथ ड्राइवर के रूप में काम करता था, उसने वैभव गांधी के ऑफिस में पैसों की उपलब्धता की जानकारी कुख्यात अपराधी संजय उर्फ टाऊ को दी। संजय के खिलाफ दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोप है कि संजय ने अन्य साथियों के साथ मिलकर लूट की साजिश रची और जनवरी-फरवरी में कई बार इलाके की रेकी की।
वारदात वाले दिन आरोपी पहले से मौके पर पहुंच गए और जैसे ही वैभव गांधी कार से उतरे, उन पर दो गोलियां चलाईं। इसके बाद आरोपी तीन बैग लेकर फरार हो गए, जिनमें डायरी, लैपटॉप और मोबाइल फोन था।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने संजय उर्फ टाऊ और रविंदर को सुल्तानपुरी इलाके से गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर संदीप पुजारी और हरीश कुमार उर्फ सोनू को भी गिरफ्तार किया गया।
14 फरवरी की रात पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी अरुण क्षेत्र में आने वाला है। जाल बिछाकर पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और मौके पर ही काबू कर लिया गया।
आउटर नॉर्थ जिला के डीसीपी हरेश्वर स्वामी, आईपीएस, ने कहा कि यह कार्रवाई सुनियोजित तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। उन्होंने बताया कि मामले की आगे भी जांच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

