नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वीडियोकॉन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए यूके निवासी कारोबारी सचिन देव दुग्गल को आरोपी बनाते हुए दिल्ली के राउज एवेन्यू स्थित विशेष PMLA कोर्ट में सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की है।
यह कार्रवाई 18 दिसंबर 2024 को दायर मूल आरोप पत्र की कड़ी में की गई है, जिसमें वीडियोकॉन ग्रुप के प्रमोटर वी.एन. धूत और 12 अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था। इस मामले में विशेष अदालत पहले ही 10 फरवरी 2026 को संज्ञान ले चुकी है।
ईडी के अनुसार, यह जांच सीबीआई की एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वीडियोकॉन हाइड्रोकार्बन होल्डिंग्स लिमिटेड ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम से 2,773.60 मिलियन अमेरिकी डॉलर का लोन लिया था।
जांच में सामने आया है कि इस राशि का बड़ा हिस्सा, करीब 2.03 बिलियन अमेरिकी डॉलर, जटिल विदेशी कंपनियों के नेटवर्क के जरिए डायवर्ट किया गया।
ईडी ने दावा किया है कि स्विस कंपनी के चेयरमैन सचिन देव दुग्गल इस पूरे लेन-देन के प्रमुख लाभार्थी थे। धनराशि को कई विदेशी इकाइयों के माध्यम से ट्रांसफर कर उसकी असली पहचान छिपाने की कोशिश की गई।
वित्तीय रिकॉर्ड्स के अनुसार, जिस समय यह फंड विदेश भेजा जा रहा था, उसी दौरान दुग्गल से जुड़ी कंपनियों और वीडियोकॉन समूह के बीच बड़े पैमाने पर लेन-देन हुआ।
ईडी ने यह भी बताया कि जनवरी 2022 से अब तक कई बार समन भेजे जाने के बावजूद दुग्गल जांच में शामिल नहीं हुए और केवल आंशिक व टालमटोल वाले जवाब ईमेल के जरिए दिए।
मामले में आगे की जांच जारी है।

