नई दिल्ली, 4 मई: मानसून से पहले दिल्ली में जलभराव, अधूरे विकास कार्य और नागरिक सुविधाओं की कमी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इसी के मद्देनज़र एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने सिविल लाइंस जोन का निरीक्षण कर तैयारियों की हकीकत जानी और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने तिमारपुर के बी.डी. एस्टेट में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और स्पष्ट कहा कि देरी से जनता को सीधे तौर पर परेशानी होती है। उन्होंने अधिकारियों को काम में तेजी लाने के साथ गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
जलभराव की समस्या पर फोकस
दिल्ली में हर साल होने वाली जलभराव की समस्या को देखते हुए आयुक्त ने हकीकत नगर और मुखर्जी नगर के पंप हाउस का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पंप, ड्रेनेज सिस्टम और डी-सिल्टिंग कार्य मानसून से पहले पूरी तरह तैयार और कार्यशील हों।
उन्होंने चेतावनी दी कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही से ट्रैफिक, घरों और व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है, इसलिए सभी विभाग मिलकर काम करें।
स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा
आयुक्त ने विजय नगर स्थित आयुष आरोग्य केंद्र का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने साफ-सफाई, बुनियादी सुविधाओं और मरीजों को मिल रही सेवाओं का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर और सुलभ हों, खासकर मानसून के दौरान बढ़ने वाली बीमारियों को ध्यान में रखते हुए।
यह निरीक्षण दर्शाता है कि अब इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार, जलभराव की रोकथाम और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है, ताकि लोगों को बारिश के मौसम में कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।

