नई दिल्ली, 4 मई: बाहरी दिल्ली के पूठ खुर्द इलाके में लंबे समय से चली आ रही गंदगी, जाम नालों और अधूरे निर्माण कार्यों को लेकर जनता की शिकायतों के बीच महापौर प्रवेश वाही ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि कचरे का ढेर, नालियों की सफाई न होना और अधूरी सड़कें उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही हैं, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ रहा है।
महापौर ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एमसीडी और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए और साफ कहा कि सभी प्रमुख समस्याओं का समाधान 7 दिनों के भीतर किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि काम में लापरवाही पाई गई तो संबंधित ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
“अगर हालात नहीं सुधरे तो मैं अगले हफ्ते फिर से निरीक्षण करूंगा,” महापौर ने कहा, जिससे प्रशासनिक जवाबदेही पर जोर दिया गया।
महापौर ने बरवाला स्थित निगम स्कूल का भी निरीक्षण किया और स्कूल की टूटी चारदीवारी को तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए, ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों ने एक सप्ताह में काम पूरा करने का आश्वासन दिया है।
इस दौरान एक बड़ी समस्या डेयरियों का गोबर नालियों में बहाने की भी सामने आई, जिससे नालियां जाम हो रही हैं और गंदगी फैल रही है। महापौर ने ग्रामीणों से अपील की कि वे ऐसा न करें और गोबर के निस्तारण के लिए बायोगैस प्लांट का उपयोग करें, जहां इससे गैस और खाद तैयार की जा सकती है।
महापौर ने कहा कि दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं को सुधारना प्राथमिकता है और इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है। यह निरीक्षण दिखाता है कि अब सार्वजनिक स्वास्थ्य और बुनियादी सेवाओं में सुधार को लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है।

