नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (MCD) ने विजिलेंस जांच के बीच बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए शाहदरा नॉर्थ ज़ोन में तैनात दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद एमसीडी में कथित भ्रष्टाचार, अवैध निर्माण और अधिकारियों की मिलीभगत को लेकर सवाल फिर तेज हो गए हैं।
शाहदरा (नॉर्थ) ज़ोन के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, हरेंद्र कुमार (SS/SNZ) और एस. सिसा कुमार (SI/SNZ) को विजिलेंस जांच लंबित रहने तक निलंबित किया गया है।

आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान दोनों अधिकारी बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे और उन्हें नियमानुसार भत्ता दिया जाएगा।
इस कार्रवाई ने दिल्ली में लंबे समय से उठ रहे उन आरोपों को फिर चर्चा में ला दिया है, जिनमें अवैध निर्माण, भ्रष्टाचार और निगरानी व्यवस्था की विफलता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि राजधानी के कई इलाकों में अवैध निर्माण खुलेआम जारी हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग अक्सर कार्रवाई से बचते नजर आते हैं। ऐसे में यह सस्पेंशन केवल दो अधिकारियों तक सीमित मामला नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
अब नागरिकों और सामाजिक संगठनों की मांग है कि मामले की पूरी पारदर्शी जांच हो, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जनता के सामने सच्चाई लाई जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला दिल्ली में शहरी प्रशासन और निगरानी तंत्र की गहरी खामियों को उजागर करता है।

