नई दिल्ली, 4 मई: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय का एक बड़ा उदाहरण पेश करते हुए, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली पुलिस के वांछित आरोपी मोहम्मद नवास कक्कट इस्माइल को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से सफलतापूर्वक भारत प्रत्यर्पित कराया है।
यह कार्रवाई विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय (MHA) के साथ समन्वय में की गई। आरोपी को 4 मई 2026 को भारत लाया गया।
संगठित अपराध गिरोह से जुड़ा था आरोपी
दिल्ली पुलिस में दर्ज मामलों के अनुसार, आरोपी कई गंभीर अपराधों में वांछित था, जिनमें शामिल हैं: जबरन वसूली, धोखाधड़ी, आपराधिक गबन, जालसाजी, फर्जी पहचान बनाना, संगठित अपराध में संलिप्तता
जांच में सामने आया कि आरोपी एक संगठित अपराध गिरोह का प्रमुख साजिशकर्ता था, जो सरकारी अधिकारी बनकर लोगों से ठगी और वसूली करता था।
इंटरपोल रेड नोटिस के बाद यूएई में गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने आरोपी के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी करवाया। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तहत यूएई की एजेंसियों ने आरोपी का पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया।
इसके बाद यूएई को औपचारिक प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा गया। लगातार कानूनी प्रक्रिया और फॉलो-अप के बाद आरोपी को भारत प्रत्यर्पित किया गया।
दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया
आरोपी को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, नई दिल्ली पर पहुंचते ही दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अब आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इंटरपोल समन्वय में सीबीआई की भूमिका
सीबीआई भारत में इंटरपोल की नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के रूप में कार्य करती है और BHARATPOL के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय करती है।
अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में इंटरपोल चैनलों के जरिए 150 से अधिक वांछित अपराधियों को भारत वापस लाया गया है।
यह प्रत्यर्पण भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय सहयोग क्षमता और सीमा पार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का एक और मजबूत उदाहरण है।

