नई दिल्ली: पुरानी दिल्ली के जिला प्रशासन ने यमुना बाढ़ क्षेत्र में बने कथित अवैध कब्जों और झुग्गी बस्तियों को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए निवासियों को जगह खाली करने का नोटिस जारी किया है।
CEO (DDMA) एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, पुरानी दिल्ली कार्यालय द्वारा जारी यह नोटिस आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 के तहत जारी किया गया है।
नोटिस के अनुसार, यमुना बाजार क्षेत्र में यमुना नदी के किनारे O-Zone फ्लडप्लेन क्षेत्र में लगभग 310 मकान/झुग्गियां अवैध रूप से बनी हुई हैं। प्रशासन का कहना है कि यह भूमि दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के स्वामित्व में है।
प्रशासन ने कहा कि हर वर्ष यमुना में बाढ़ आने के दौरान यह क्षेत्र जलमग्न हो जाता है, जिससे मानव जीवन, पशुधन और संपत्ति को गंभीर खतरा पैदा होता है।
नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि बार-बार आने वाली बाढ़ के कारण राजस्व विभाग को अस्थायी पुनर्वास और राहत कार्य करने पड़ते हैं, जिससे सरकारी संसाधनों और सार्वजनिक धन पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।
प्रशासन ने फ्लडप्लेन क्षेत्र में जारी कब्जे को संभावित आपदा जोखिम बताते हुए तत्काल रोकथाम और जोखिम कम करने की आवश्यकता जताई है।
नोटिस के तहत क्षेत्र में रहने वाले लोगों को निर्देश दिया गया है कि वे तुरंत स्थान खाली करें और किसी भी स्थिति में नोटिस जारी होने की तारीख 5 मई 2026 से 15 दिनों के भीतर परिसर खाली कर दें।
इसके साथ ही निवासियों को अपने सामान और अवैध निर्माणों को स्वयं हटाने का निर्देश भी दिया गया है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का पालन नहीं करने पर संबंधित विभाग बिना किसी अतिरिक्त सूचना के ध्वस्तीकरण और बेदखली की कार्रवाई कर सकते हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह नोटिस जनसुरक्षा और आपदा जोखिम को कम करने के उद्देश्य से जारी किया गया है तथा आवश्यक होने पर अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

