नई दिल्ली: राजधानी में बढ़ती गंदगी, कूड़ा प्रबंधन की शिकायतों और आगामी मानसून को देखते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने सफाई व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। महापौर श्री प्रवेश वाही ने सभी ज़ोनल उपायुक्तों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर साफ निर्देश दिए कि दिल्ली में सफाई व्यवस्था को युद्धस्तर पर मजबूत किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में महापौर ने कहा कि जिन क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई जाएगी, वहां संबंधित कूड़ा प्रबंधन प्राइवेट एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने सभी ज़ोन को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों में “वल्नरेबल पॉइंट्स” यानी ऐसे स्थानों की पहचान करें जहां नियमित रूप से कूड़ा जमा होता है, और वहां विशेष सफाई अभियान चलाया जाए।
महापौर ने फील्ड स्तर पर निगरानी बढ़ाने के लिए सेनेटरी सुपरवाइज़र (SS) और असिस्टेंट सेनेटरी इंस्पेक्टर (ASI) को लगातार क्षेत्र में मौजूद रहकर सफाई कार्यों की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था में सुधार जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
सफाई कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए महापौर प्रवेश वाही ने एक नई पहल की घोषणा करते हुए कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिलेगा और कार्य क्षमता में सुधार आएगा।
इसके साथ ही सभी सफाई कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान अनिवार्य रूप से यूनिफॉर्म पहनने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अनुशासन और निगम की सकारात्मक छवि दोनों मजबूत हों।
बैठक में मानसून की तैयारियों और जलभराव रोकने के उपायों पर भी विशेष चर्चा हुई। महापौर ने पीडब्ल्यूडी, दिल्ली जल बोर्ड और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर नालों की सफाई का कार्य प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा राजधानी में अतिक्रमण, अवैध मीट की दुकानों और अवैध डेयरियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। महापौर ने कहा कि इस अभियान में दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए मिशन मोड में काम किया जा रहा है और सभी अधिकारियों को पूरी जवाबदेही और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा ताकि नागरिकों को बेहतर और साफ-सुथरा वातावरण मिल सके।

