नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की विशेष बैठक में वित्त वर्ष 2026–27 के लिए ₹17,583 करोड़ का ऐतिहासिक बजट पारित किया गया। मेयर सरदार राजा इकबाल सिंह ने इसे निगम के इतिहास का सबसे बड़ा बजट बताते हुए कहा कि यह दिल्ली में नागरिक सुविधाओं, प्राथमिक शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
नेता सदन प्रवेश वाही द्वारा प्रस्तुत इस बजट को विकास और जनकल्याण पर केंद्रित बताया गया है, जिसमें राजधानी के नागरिकों की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को ध्यान में रखा गया है।
महिलाओं और सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान
बजट में सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। प्रत्येक वार्ड में 15 विधवाओं, एकल माताओं और दिव्यांगजनों को उनकी बेटियों की शादी के लिए ₹21,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को प्रति वार्ड 10 सिलाई मशीनें और दिव्यांगजनों को 10 साइकिलें प्रदान की जाएंगी।
ग्रामीण क्षेत्रों को टैक्स में बड़ी राहत
49 पूर्णतः ग्रामीण घोषित गांवों में 500 वर्ग मीटर तक के पुश्तैनी आवासीय मकानों को हाउस टैक्स से पूर्ण छूट दी जाएगी। वहीं शहरीकृत गांवों में मूल निवासियों के 200 वर्ग मीटर तक के आवासीय भवनों को भी संपत्ति कर से राहत दी जाएगी।
समय पर भुगतान करने वाली ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों को 15% प्रॉपर्टी टैक्स रिबेट का प्रावधान भी फिर से लागू किया गया है।
आरडब्ल्यूए और स्वच्छता को बढ़ावा
प्रत्येक वार्ड में 20 आरडब्ल्यूए को मरम्मत और रखरखाव कार्यों के लिए ₹25,000 की सहायता दी जाएगी।
स्वच्छता और पर्यावरण प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए निगम 70 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें शामिल करेगा। कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए 1,000 लीटर क्षमता वाली पिकर मशीनें तथा प्रत्येक वार्ड में छोटी क्षमता की मशीनें तैनात की जाएंगी।
युवाओं के लिए रोजगार अवसर
100 वाहनों की क्षमता वाले नए पार्किंग स्थल स्नातक बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर आवंटित किए जाएंगे। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया के बाद लॉटरी प्रणाली से आवंटन किया जाएगा।
शिक्षा क्षेत्र में निवेश
एमसीडी स्कूलों की मरम्मत और रखरखाव के लिए ₹22 करोड़ का प्रावधान किया गया है। लगभग ₹18 करोड़ पहले ही छोटे मरम्मत कार्यों के लिए जारी किए जा चुके हैं, जबकि आगामी वर्ष के लिए भवन सुधार हेतु अतिरिक्त ₹10 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक निर्णय
पहली बार एमसीडी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कैशलेस अस्पताल उपचार योजना लागू की गई है। इसके तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त इलाज उपलब्ध होगा।
नगर पार्षदों को भी सूचीबद्ध अस्पतालों में सीजीएचएस दरों पर चिकित्सा सुविधा मिलेगी। दिल्ली से बाहर रहने वाले एमसीडी कर्मचारी और पेंशनभोगी देशभर के सीजीएचएस अस्पतालों में इलाज का लाभ उठा सकेंगे।
मेयर सरदार राजा इकबाल सिंह ने नेता सदन प्रवेश वाही का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जनहित और विकास केंद्रित बजट दिल्ली को स्वच्छ, सशक्त और समृद्ध बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

