बेंगलुरु: कर्नाटक हाईकोर्ट ने बीजेपी द्वारा दायर मानहानि शिकायत के आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति एस. सुनील दत्त यादव ने 17 फरवरी 2026 को दिए आदेश में क्रिमिनल पिटिशन संख्या 14473/2024 को स्वीकार करते हुए सी.सी. नंबर 7399/2024 में आरोपी नंबर 4 के रूप में नामित राहुल गांधी के खिलाफ चल रही कार्यवाही को समाप्त कर दिया।
बीजेपी की ओर से दायर शिकायत में आरोप लगाया गया था कि चुनाव अवधि के दौरान प्रकाशित एक विज्ञापन से पार्टी और उसकी सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा। इस आधार पर भारतीय दंड संहिता की धाराओं 499 और 500 के तहत मानहानि का मामला दर्ज किया गया था।
हाईकोर्ट ने धारा 199 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत “पीड़ित व्यक्ति” की अवधारणा की जांच की। अदालत ने पाया कि शिकायत राष्ट्रीय पार्टी के नाम से दायर की गई थी, लेकिन प्राधिकरण पत्र राज्य इकाई के अध्यक्ष द्वारा जारी किया गया था, जो राष्ट्रीय स्तर पर वैध प्रतिनिधित्व नहीं माना जा सकता। इस आधार पर अदालत ने शिकायत की वैधता पर सवाल उठाया।
अदालत ने यह भी कहा कि विज्ञापन में केवल राहुल गांधी की तस्वीर होने से यह साबित नहीं होता कि उसे उनके निर्देश पर या मानहानि की मंशा से प्रकाशित किया गया। धारा 499 आईपीसी के तहत आवश्यक ‘मेंस रिया’ यानी दुर्भावनापूर्ण इरादे का कोई प्रथमदृष्टया प्रमाण रिकॉर्ड पर उपलब्ध नहीं था।
शिकायत में उनके कथित ट्वीट का उल्लेख था, लेकिन उसे साक्ष्य के रूप में प्रदर्शित नहीं किया गया और न ही भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65B के तहत आवश्यक प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया गया। अदालत ने माना कि जब समन जारी किया गया, तब रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस डिजिटल साक्ष्य मौजूद नहीं था।
इसके अतिरिक्त, चूंकि आरोपी न्यायालय के क्षेत्राधिकार से बाहर निवास करते थे, इसलिए धारा 202 सीआरपीसी के तहत अनिवार्य जांच किए बिना समन जारी करना भी प्रक्रियागत त्रुटि माना गया।
अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि आरोपी नंबर 4 के खिलाफ कार्यवाही जारी रखना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। इसी के साथ राहुल गांधी के खिलाफ लंबित आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया गया।

