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एथेनॉल मिश्रित ईंधन पूरी तरह सुरक्षित, माइलेज में मामूली कमी संभव; बीमा पर कोई असर नहीं: हरदीप सिंह पुरी

नई दिल्ली, 2 जुलाई: केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एथेनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर उठ रही आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि सरकार का एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम व्यापक वैज्ञानिक परीक्षणों और सभी संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श के बाद लागू किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन से वाहन बीमा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता और माइलेज में यदि कोई कमी आती भी है तो वह बहुत मामूली होती है।

नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि कुछ लोग यह प्रचार कर रहे हैं कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन से माइलेज काफी कम हो जाएगा, जबकि यह धारणा सही नहीं है।

उन्होंने कहा, “अब यह अच्छी तरह स्थापित हो चुका है कि एथेनॉल का उपयोग रेसिंग कारों में भी किया जाता है। इससे वाहन की एक्सेलरेशन बेहतर होती है और इंजन में ‘नॉकिंग’ की समस्या भी कम होती है। माइलेज में थोड़ी बहुत कमी हो सकती है, लेकिन इसके पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण के वर्तमान स्तर तक पहुंचने से पहले सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) तथा ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) सहित सभी संबंधित हितधारकों से व्यापक परामर्श कर चुकी है।

बीमा को लेकर फैल रही आशंकाओं पर उन्होंने कहा कि कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन इस्तेमाल करने पर वाहन बीमा मान्य नहीं रहेगा, जबकि बीमा कंपनियां पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि ऐसा कोई मामला नहीं है।

उन्होंने कहा कि इस तरह की भ्रामक जानकारी फैलाने से आखिर किसका फायदा हो रहा है, यह सभी को समझना चाहिए। हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति या संस्था पर सीधे आरोप लगाने से इनकार किया।

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत का ऑटोमोबाइल और ऊर्जा बाजार इतना बड़ा है कि सभी प्रकार की तकनीकों के लिए पर्याप्त स्थान है। उन्होंने कहा कि देश में इलेक्ट्रिक वाहन (EV), एथेनॉल एवं जैव ईंधन आधारित वाहन, हाइब्रिड वाहन और सीएनजी वाहन सभी साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में एथेनॉल मिश्रण को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने का निर्णय लिया जाता है, तो वह सभी आवश्यक तकनीकी परीक्षणों, वैज्ञानिक मूल्यांकन और विशेषज्ञों की संतुष्टि के बाद ही लिया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने दोहराया कि सरकार का एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने तथा देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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