नई दिल्ली: एमसीडी कमिश्नर अश्विनी कुमार ने कहा कि नगर निगम दिल्ली (MCD) ने पिछले एक महीने में स्वच्छता अभियान के तहत हर दिन 1,000 मीट्रिक टन अतिरिक्त कचरा (MSW) उठाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि एमसीडी पूरी ताकत से काम कर रही है, लेकिन इस अभियान की असली सफलता तभी होगी जब दिल्लीवासी साफ-सफाई में सक्रिय सहयोग देंगे।
पश्चिमी क्षेत्र एमसीडी की ओर से “स्वच्छता ही सेवा: स्वच्छता को समर्पित एक शाम” कार्यक्रम का आयोजन पैसिफिक मॉल, टैगोर गार्डन में किया गया। यह कार्यक्रम “दिल्ली को कूड़े से आज़ादी” अभियान के तहत हुआ।
कमिश्नर अश्विनी कुमार ने कहा,
“स्वच्छता एक निरंतर प्रक्रिया है। सरकार ने इस अभियान को एक महीने से आगे भी बढ़ाने का निर्णय लिया है। हम पूरी निष्ठा से काम करेंगे। मैं नागरिकों से अपील करता हूं कि वे सक्रिय रूप से सहयोग करें, क्योंकि जनता की भागीदारी से ही कोई भी अभियान पूरी तरह सफल हो सकता है।”

नेताओं के बयान
- उद्योग एवं पर्यावरण मंत्री सरदार मंजींदर सिंह सिरसा ने कहा, “दिल्ली की आबादी कई राज्यों से भी बड़ी है। करीब 3 करोड़ लोग 50 वर्ग किलोमीटर के दायरे में रहते हैं, फिर भी दिल्ली विकास की राह पर है। यह दिल्लीवासियों की मेहनत और सकारात्मक सोच से ही संभव हुआ है।” सिरसा ने सफाई कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा, “कठिन परिस्थितियों में भी हमारे सफाई कर्मचारी अपनी मेहनत और समर्पण से शहर को साफ रखते हैं। वे सच में सम्मान के पात्र हैं।” उन्होंने आगे कहा, “मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के विज़न को साकार करते हुए हम दिल्ली को कूड़ा-मुक्त बनाएंगे। कूड़े के पहाड़ डायनासोर की तरह गायब हो जाएंगे और आने वाली पीढ़ियां इन्हें कभी नहीं देखेंगी।”
- उप महापौर जय भगवान यादव ने कहा, “दिल्ली को साफ बनाना सिर्फ एमसीडी की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। जब तक लोग व्यक्तिगत स्तर पर सफाई की अहमियत नहीं समझेंगे और उसे अपनी ज़िंदगी का हिस्सा नहीं बनाएंगे, लक्ष्य पूरा नहीं होगा।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने की अपील करते हुए कहा कि हर नागरिक अपने माता के नाम पर एक पेड़ लगाए ताकि दिल्ली हरी-भरी बने।
अभियान की प्रगति
“दिल्ली को कूड़े से आज़ादी अभियान” के तहत झुग्गी बस्तियों, रेलवे ट्रैक किनारे, JJ क्लस्टर्स और ऑफिस परिसरों में विशेष सफाई अभियान चलाए गए। इस पहल का मकसद है दिल्ली को स्थायी रूप से साफ-सुथरा बनाना, कूड़े के पहाड़ खत्म करना, स्वच्छता ढांचे को मज़बूत करना और नागरिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना।