नई दिल्ली: साल 2026 की शुरुआत के महज 48 घंटे के भीतर राजधानी दिल्ली एक बार फिर गोलियों की आवाज़ से दहल उठी। रोहिणी सेक्टर-24 के एक पॉश और गेटेड रिहायशी इलाके में बाइक सवार तीन बदमाशों ने महज 120 सेकंड में 25 राउंड फायरिंग कर सनसनी फैला दी।
यह वारदात 2 जनवरी की शाम करीब 5:30 बजे हुई, जब तीन हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर एक कारोबारी के घर के बाहर पहुंचे, अंधाधुंध फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि हमलावरों ने ऑटोमेटिक हथियारों का इस्तेमाल किया।
फायरिंग में सड़क पर खड़ी एक इनोवा और वैगन-आर कार गोलियों से छलनी हो गईं और उनके शीशे चकनाचूर हो गए। पुलिस के मुताबिक, ये दोनों गाड़ियां कारोबारी की नहीं थीं, जिससे साफ होता है कि बदमाश बिना रेकी के जल्दबाज़ी में हमला कर फरार हो गए। इसी जल्दबाज़ी की वजह से कारोबारी की जान बच गई, वरना यह हमला जानलेवा भी हो सकता था।
रंगदारी का एंगल
जांच में सामने आया है कि पीड़ित कारोबारी प्रॉपर्टी डीलिंग और कार्डबोर्ड फैक्ट्री का व्यवसाय करता है। उसे 27–28 दिसंबर को एक इंटरनेशनल नंबर से WhatsApp कॉल कर ₹3 करोड़ की रंगदारी मांगी गई थी। उस समय कारोबारी ने पुलिस को सूचना नहीं दी।
इसके बाद डराने के मकसद से बदमाशों ने उसके घर के बाहर फायरिंग की और वारदात के बाद WhatsApp पर धमकी भरा मैसेज भेजा—
“अभी गाड़ी पर गोली चलाई है, पैसे नहीं दिए तो अगली गोली तेरी बीवी और बच्चों पर चलेगी।”

CCTV में कैद पूरी वारदात
इलाके में लगे CCTV कैमरों में तीनों हमलावर कैद हो गए हैं। फुटेज में दिखता है कि दो बदमाश पैदल आगे बढ़ते हैं, तीसरा बाइक लेकर पीछे रहता है, फिर 25 से 30 राउंड फायरिंग कर तीनों एक साथ फरार हो जाते हैं।
घटना के समय इलाके में स्थानीय लोग, कामगार और बच्चे मौजूद थे, जिससे दहशत का माहौल बन गया। फायरिंग के बाद पूरा इलाका सन्नाटे में बदल गया।
पुलिस और स्पेशल सेल की जांच
दिल्ली पुलिस ने तत्काल इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और कारोबारी के घर के बाहर पुलिस बल व गनर तैनात किए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने जांच अपने हाथ में ले ली है।
सूत्रों के मुताबिक, इस वारदात के पीछे हिमांशु भाऊ गैंग का नाम सामने आ रहा है, जो दिल्ली-हरियाणा-NCR में 2020 से सक्रिय है। यह गैंग विदेश से इंटरनेट कॉलिंग के जरिए कारोबारियों को धमकाता है और फिर डर पैदा करने के लिए उनके घर या शोरूम के बाहर फायरिंग करवाता है।
2024 में तिलक नगर इलाके में भी इसी तरह की वारदात हो चुकी है।
पुलिस की कई टीमें CCTV फुटेज, तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों के जरिए हमलावरों की तलाश में जुटी हैं। इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली में बढ़ते संगठित अपराध और रंगदारी गिरोहों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

