नई दिल्ली: दिल्ली के मॉडल टाउन इलाके में ₹2.8 करोड़ से अधिक की नकदी और आभूषणों की चोरी के मामले में दिल्ली पुलिस ने तीन आरोपियों को बिहार के बांका जिले के जंगल से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में घरेलू नौकर भी शामिल है, जिसने कथित तौर पर चोरी की साजिश रची थी।
शिकायतकर्ता अनीता झुनझुनवाला ने 27 जून को मॉडल टाउन पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका घरेलू नौकर अरुण कुमार ₹55 लाख नकद और सोने, हीरे, चांदी के गहने चुराकर फरार हो गया। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में अरुण कुमार एक अन्य व्यक्ति के साथ बैग और ट्रॉली लेकर घर से निकलते हुए दिखाई दिया।
उत्तरी-पश्चिमी जिले के डीसीपी भिष्म सिंह के अनुसार, डिजिटल ट्रैकिंग और ग्राउंड इंटेलिजेंस के जरिए पुलिस ने 10 जुलाई को बिहार के बुढीघाट गांव के पास के जंगल से तीन आरोपियों — विवेक कुमार (22), बिरेंद्र यादव (22), और पीयूष कुमार कपरी (29) को गिरफ्तार किया। उस समय ये तीनों चोरी का माल आपस में बांट रहे थे।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि इस साजिश का मास्टरमाइंड अरुण कुमार था, जिसने अपने गांव के पांच अन्य साथियों — बिरेंद्र, कृष्णा, अजय यादव, महेश टांटी और विवेक के साथ मिलकर चोरी को अंजाम दिया था।
फरार होते समय बिरेंद्र यादव ने चोरी की नकदी और गहनों को दिलीप यादव को सौंपा, जिसने ₹17.5 लाख अपने पास रखे। दिलीप ने ₹5 लाख राजेश यादव (कृष्णा के बड़े भाई) को दिए और बाकी रकम व आभूषण मालती यादव को सौंपे।
इसके बाद मालती ने वो रकम किश्तू यादव को दी, जिसने पवन यादव को ट्रांसफर किया। पवन ने चोरी का माल संदीप यादव के पास भेजा, जहां दोनों ने उसका हिस्सा रखा। बाद में नवीन यादव ने भी ₹5 लाख ले लिए।
पुलिस ने बताया कि आरोपी पहली बार अपराध में शामिल हुए थे और उन्होंने जल्दी पैसा कमाने और ऐशो-आराम की जिंदगी जीने के लालच में यह अपराध किया।
बरामद सामानों में सोने-हीरे के हार, अंगूठियां, कंगन, एक सोने की बिस्किट, एक चांदी की शीट, 40 से अधिक चांदी के बर्तन व अन्य कीमती वस्तुएं शामिल हैं।
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है — धारा 306 (स्वामी की संपत्ति की चोरी), 317(2) (चोरी की संपत्ति), और 3(5) (संयुक्त जिम्मेदारी)।
पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश और शेष चोरी हुए माल की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रही है। साथ ही सभी आरोपियों के बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है ताकि अन्य आपराधिक नेटवर्क से जुड़ाव की संभावना की जांच की जा सके।