Date:

दिल्ली प्रोफेसर हत्याकांड का खुलासा: संपत्ति विवाद में हुई थी डॉ. देबस्मिता पॉल की हत्या, एक ही परिवार के तीन लोग गिरफ्तार

नई दिल्ली, 8 जून: पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित फ्लैट में मृत पाई गईं शिवाजी कॉलेज की सहायक प्रोफेसर डॉ. देबस्मिता पॉल हत्याकांड का दिल्ली पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में पश्चिम बंगाल के बर्धमान से एक ही परिवार के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामप्रसाद दास (42), उनकी पत्नी बनश्री दास (36) और उनके नाबालिग बेटे के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि संपत्ति विवाद इस हत्या की मुख्य वजह था।

CCTV फुटेज ने खोला राज

दिल्ली पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के दौरान अपार्टमेंट परिसर और आसपास के इलाकों से जुटाए गए सीसीटीवी फुटेज ने केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।

जांचकर्ताओं ने घंटों की रिकॉर्डिंग खंगाली और संदिग्धों की गतिविधियों का विश्लेषण किया। इसी CCTV विश्लेषण के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

बंद फ्लैट में मिली थी प्रोफेसर की लाश

49 वर्षीय डॉ. देबस्मिता पॉल, दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज के अंग्रेजी विभाग में सहायक प्रोफेसर थीं। वह वसुंधरा एन्क्लेव के सत्याम अपार्टमेंट्स में अकेली रहती थीं।

मामला उस समय सामने आया जब उनकी बहन को फोन कॉल का जवाब नहीं मिला। संदेह होने पर वह फ्लैट पहुंचीं और ताला तुड़वाकर अंदर दाखिल हुईं, जहां डॉ. पॉल मृत अवस्था में मिली थीं।

शुरुआती जांच में शरीर पर चोट के निशान मिलने के बाद हत्या की आशंका जताई गई थी।

संपत्ति विवाद बना हत्या की वजह

पुलिस जांच में अब यह स्पष्ट हुआ है कि संपत्ति से जुड़े विवाद को लेकर यह वारदात अंजाम दी गई थी।

अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों और मृतका के बीच लंबे समय से संपत्ति संबंधी मतभेद चल रहे थे, जो आखिरकार इस हत्याकांड का कारण बने।

जांच अभी जारी

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपियों की सटीक भूमिका, वारदात की पूरी समयरेखा तथा अन्य संभावित सबूतों की पड़ताल की जा रही है।

बंद फ्लैट में प्रोफेसर की मौत और जबरन प्रवेश के स्पष्ट संकेत न मिलने के कारण यह मामला शुरुआत में दिल्ली पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। हालांकि CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर दिया।

दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों के बीच इस घटना ने गहरा सदमा पहुंचाया था। अब गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि मामले की पूरी सच्चाई जल्द सामने आ जाएगी।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Share post:

Popular

More like this
Related

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के वरिष्ठ अधिकारी एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO नियुक्त

अयोध्या, 2 सितंबर: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सेवानिवृत्त एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। ट्रस्ट के बयान के अनुसार, पिछले...

सौरभ भारद्वाज का आरोप, दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि भाजपा के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार के अधीन स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं और सरकारी स्वास्थ्य...

दिल्ली लक्ष्मी योजना शुरू, 1 सितंबर से महिलाओं को हर महीने मिलेंगे ₹2,500

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने दिल्ली लक्ष्मी योजना शुरू कर दी है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को 1 सितंबर से हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार ने...

जमरूदपुर के विरासत स्थलों से MCD ने हटाया अतिक्रमण, 10 से अधिक ट्रक मलबा निकाला

दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (MCD) ने दक्षिणी क्षेत्र के जमरूदपुर गांव स्थित विरासत स्मारक स्थलों पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाते हुए 60 से अधिक कर्मचारियों को तैनात किया और 10...