अयोध्या/नई दिल्ली, 2 सितंबर: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सेवानिवृत्त एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। ट्रस्ट के बयान के अनुसार, पिछले वर्ष सफल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में संपन्न हुआ था। वहीं, स्वामी गोविंद देव गिरि अब ट्रस्ट के महामंत्री का दायित्व संभालेंगे।
ये निर्णय बुधवार, 2 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण पंचमी, 2083 के दिन अयोध्या में आयोजित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के न्यासियों की बैठक में लिए गए।
बैठक में न्यासी मंडल के रिक्त पदों को भरने, मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति, वित्त वर्ष 2025-26 के वार्षिक लेखों की मंजूरी, विशेष जांच दल की जांच की प्रगति तथा सर्वोच्च न्यायालय में संबंधित विषय की जानकारी सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
न्यासियों ने एक प्रतिष्ठित व्यक्ति से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की विशेष जांच दल द्वारा की जा रही जांच के संबंध में न्यायालय के आदेश का संज्ञान लिया। ट्रस्ट के बयान के अनुसार, जांच के दायरे को समयावधि और विषय, दोनों के संबंध में विस्तृत किया गया है। ट्रस्ट ने इस आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सत्य सामने आ सकेगा और जनमानस में भ्रम का निवारण हो सकेगा।
बैठक में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई नकद राशि की गणना की प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम करने के प्रयासों पर भी चर्चा हुई। इस संबंध में दो बैंकों और IIT से कुछ प्रस्ताव मिले हैं। ट्रस्ट ने कहा कि उनका मूल्यांकन किया जाएगा ताकि तकनीक की सहायता से इस दिशा में शीघ्र प्रगति की जा सके।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी के चयन के लिए गठित समिति की अनुशंसा पर चर्चा के बाद सेवानिवृत्त एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को इस पद पर नियुक्त किया गया। ट्रस्ट ने उम्मीद जताई कि वह शीघ्र अपना कार्यभार संभालेंगे।
ट्रस्ट के बयान के अनुसार, मिश्रा को भारतीय वायु सेना के विभिन्न विभागों में 39 वर्षों तक कार्य करने और नेतृत्व का लंबा अनुभव है। उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया है, जिसे बयान में सशस्त्र सेनाओं में युद्धकाल का सर्वोच्च विशिष्ट सेवा पदक बताया गया है।
ट्रस्ट ने कहा कि पिछले वर्ष का सफल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ मिश्रा के नेतृत्व और मार्गदर्शन में संपन्न हुआ था।
न्यासी मंडल ने चयन समिति के सदस्यों न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी, सुरेश हावड़े और समिति के सचिव समीर पांडे के प्रति आभार व्यक्त किया। समिति ने कम समय में करीब 5,500 आवेदनों की जांच और सैकड़ों उम्मीदवारों का साक्षात्कार कर चयन प्रक्रिया पूरी की।
बैठक में ट्रस्ट के पदाधिकारियों के दायित्वों में बदलाव पर भी विचार किया गया। स्वामी गोविंद देव गिरि अब महामंत्री का दायित्व संभालेंगे, जबकि महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
न्यासी मंडल ने पिछले दो महीनों की कठिन और चुनौतीपूर्ण अवधि में महामंत्री पद का कार्यभार सफलतापूर्वक संभालने के लिए कृष्ण मोहन के प्रति आभार व्यक्त किया।
बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के वार्षिक लेखे भी प्रस्तुत किए गए। ट्रस्ट के बयान के अनुसार, वर्ष के दौरान कुल आय ₹237 करोड़ और व्यय ₹99 करोड़ रहा। इसके अतिरिक्त निर्माण एवं अन्य संबंधित कार्यों पर ₹425 करोड़ का पूंजीगत व्यय हुआ।
31 मार्च 2026 को ट्रस्ट के पास कुल उपलब्ध राशि ₹1,882 करोड़ थी। न्यासी मंडल ने वार्षिक लेखों को मंजूरी दी।
अपनी नियुक्ति पर दिल्ली में प्रतिक्रिया देते हुए मिश्रा ने कहा कि इतने उम्मीदवारों में से उनका चयन होना वह अपना बड़ा सौभाग्य मानते हैं। उन्होंने कहा कि वायु सेना में 43 वर्षों तक राष्ट्र की सेवा करने के बाद श्रीराम मंदिर और श्रीराम भक्तों की सेवा का अवसर मिलना वह भगवान राम का आशीर्वाद मानते हैं।
दिल्ली में प्रतिक्रिया देते हुए VHP प्रमुख आलोक कुमार ने कहा कि जीतेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO और गोविंद देव गिरि को नया महामंत्री नियुक्त किए जाने के बाद ट्रस्ट अब और अधिक प्रभावी ढंग से काम करेगा।

