नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ने 2025 का अंत भीषण ठंड के साथ किया, जहां मंगलवार को अधिकतम तापमान गिरकर 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह पिछले छह वर्षों में दिसंबर का सबसे ठंडा दिन रहा।
IMD के आंकड़ों के मुताबिक, इससे पहले 31 दिसंबर 2019 को दिल्ली में इससे कम अधिकतम तापमान दर्ज हुआ था, जब पारा 9.4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया था।
तापमान में अचानक आई इस गिरावट के कारण पूरे शहर में कड़ाके की ठंड महसूस की गई। दिनभर ठंडी हवाओं और सर्द मौसम ने आम जनजीवन को प्रभावित किया, जिससे लोग घरों में रहने को मजबूर हो गए।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 3 जनवरी से ठंड और तेज़ हो सकती है, क्योंकि हिमालयी क्षेत्र से ठंडी उत्तरी हवाएं उत्तर भारत की ओर बढ़ने की संभावना है। इससे न्यूनतम तापमान में और गिरावट आ सकती है।
IMD के अनुसार, अगले चार से पांच दिनों तक शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। प्रशासन ने विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली 2026 के पहले सप्ताह में भी कड़ाके की ठंड की चपेट में रह सकती है।

