नई दिल्ली: संगठित साइबर-आधारित वित्तीय अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए Delhi Police Crime Branch की साइबर सेल ने ₹40 लाख की साइबर ठगी से जुड़े एक पैन-इंडिया रैकेट का पर्दाफाश करते हुए राष्ट्रीय स्तर के शूटर और पदक विजेता खिलाड़ी को गिरफ्तार किया है।
यह गिरफ्तारी ई-एफआईआर संख्या 60000101/2025 (05/25) दिनांक 25 जून 2025 के तहत पीएस साइबर सेल नॉर्थ-वेस्ट, दिल्ली में दर्ज मामले में की गई। पुलिस के अनुसार, पीड़ित से कुल ₹40,27,098 की ठगी की गई थी।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान Himanshu Chauhan उर्फ़ ‘शूटर’, निवासी नरेच, आगरा (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में सिल्वर-ब्रॉन्ज और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीतने के बावजूद, अपने प्रभाव और नेटवर्क का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
ठगी का तरीका (Modus Operandi)
जांच में सामने आया कि पीड़ितों को फर्जी ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म, नकली स्टॉक ट्रेडिंग और आईपीओ निवेश योजनाओं के जरिए फंसाया गया। उनसे IMPS, NEFT और UPI के माध्यम से पैसे ट्रांसफर कराए गए।
20 जून 2025 को अकेले ₹8 लाख की राशि एक म्यूल एक्सिस बैंक खाते में ट्रांसफर हुई, जो सीधे इस सिंडिकेट से जुड़ा पाया गया।
NCRP पोर्टल के विश्लेषण में उसी बैंक खाते से जुड़ी 40 शिकायतें और बेंगलुरु व मुंबई (साइबर साउथ पुलिस स्टेशन) में दर्ज दो एफआईआर सामने आईं, जिससे इस ठगी के देशव्यापी नेटवर्क की पुष्टि हुई।
सिंडिकेट में आरोपी की भूमिका
पहले गिरफ्तार सह-आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी म्यूल-अकाउंट उपलब्ध कराने वालों को प्रति खाता ₹1 लाख का लालच देता था। वह म्यूल-अकाउंट प्रोवाइडर्स और बड़े साइबर ऑपरेटर्स के बीच मुख्य कड़ी के रूप में काम करता था और इन खातों को आगरा स्थित एक अन्य सहयोगी तक पहुंचाकर लेयरिंग और रूटिंग कराता था। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
ऑपरेशन और आगे की जांच
गिरफ्तारी उन्नत तकनीकी विश्लेषण, वित्तीय ट्रेल मैपिंग, NCRP कोरिलेशन और आगरा में मल्टी-लोकेशन निगरानी के बाद की गई। बार-बार ठिकाने बदलकर बचने की कोशिशों के बावजूद, साइबर सेल ने रीयल-टाइम तकनीकी इनपुट और ग्राउंड इंटेलिजेंस के आधार पर आरोपी को दबोच लिया।
पुलिस ने बताया कि आगे की जांच में अन्य म्यूल अकाउंट्स, पूरी मनी-ट्रेल, अन्य राज्यों की पुलिस से समन्वय और अपराध से अर्जित धन की बरामदगी पर काम किया जा रहा है।
यह कार्रवाई इंस्पेक्टर संदीप सिंह की निगरानी और एसीपी अनिल शर्मा के समग्र नेतृत्व में की गई।

