Delhi: डिमोलिशन ड्राइव के बीच GPA क्यों बना सबसे बड़ा सवाल? (जानना क्यों ज़रूरी है)

Date:

नई दिल्ली: दिल्ली में बीजेपी सरकार द्वारा शुरू की गई डिमोलिशन और सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के बाद यह साफ हो गया है कि प्रभावित इलाकों में अधिकतम लोग जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) के आधार पर मकानों में रह रहे हैं। ऐसे में मुआवज़ा, मालिकाना हक और पुनर्वास जैसे मुद्दों पर कानूनी स्थिति समझना बेहद ज़रूरी हो जाता है।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) क्या होती है?

GPA एक कानूनी दस्तावेज़ है, जिसके ज़रिए कोई व्यक्ति (मालिक) किसी दूसरे व्यक्ति को अपनी ओर से कार्य करने का अधिकार देता है। लेकिन GPA से मकान का मालिकाना हक ट्रांसफर नहीं होता।


2. क्या GPA को रजिस्ट्री या सेल डीड के बराबर माना जाता है?

नहीं।
स्टाम्प एक्ट और रजिस्ट्रेशन एक्ट — दोनों में GPA को सेल डीड के बराबर नहीं माना गया है
GPA केवल अधिकार देता है, मालिकाना हक नहीं


3. GPA/एग्रीमेंट टू सेल/वसीयत पर मकान रखने के क्या खतरे हैं?

ऐसे मकानों में कई जोखिम होते हैं:

  • यह कानूनी मालिकाना ट्रांसफर नहीं है
  • असली मालिक किसी और को रजिस्ट्री कर सकता है
  • फर्जीवाड़े और डबल सेल का खतरा
  • कोर्ट में दावा कमजोर पड़ता है
  • डिमोलिशन या मुआवज़े में समस्या

4. सुप्रीम कोर्ट ने GPA को लेकर क्या कहा है?

11 अक्टूबर 2011 को सुप्रीम कोर्ट ने
Suraj Lamps & Industries Pvt Ltd बनाम हरियाणा सरकार केस में साफ कहा:

  • GPA, एग्रीमेंट टू सेल या वसीयत से
    मालिकाना हक ट्रांसफर नहीं होता
  • केवल रजिस्टर्ड सेल डीड / कन्वेयंस डीड ही वैध है

5. क्या आज भी GPA या एग्रीमेंट टू सेल रजिस्टर हो सकते हैं?

हाँ, लेकिन सीमित उद्देश्य के लिए।

उदाहरण:

  • किसी रिश्तेदार को अधिकार देना
  • बिल्डर-डेवलपर एग्रीमेंट
  • संपत्ति प्रबंधन

इनसे मालिकाना हक नहीं मिलता।


6. 11 अक्टूबर 2011 से पहले बनी GPA का क्या होगा?

  • वे अपने आप अवैध नहीं हैं
  • लेकिन मालिकाना हक तभी माना जाएगा
    जब उन्हें रजिस्टर्ड सेल डीड में बदला जाए

7. क्या GPA होल्डर आज मकान बेच सकता है?

नहीं।
2011 के बाद हर प्रॉपर्टी ट्रांसफर सिर्फ रजिस्ट्री से ही मान्य है


8. डिमोलिशन के समय GPA क्यों समस्या बनती है?

क्योंकि:

  • सरकार सिर्फ कानूनी मालिक को ही मानती है
  • मुआवज़ा स्पष्ट टाइटल पर मिलता है
  • GPA होल्डर को मालिक मानना अनिवार्य नहीं

9. क्या वर्षों से रहने पर मालिकाना हक मिल जाता है?

नहीं।
लंबे समय तक रहना ≠ कानूनी मालिकाना हक
(हालांकि नीति स्तर पर इसे देखा जा सकता है)


10. सुप्रीम कोर्ट के आदेश से आम लोगों को क्या फायदा?

  • फर्जी प्रॉपर्टी डील पर रोक
  • ब्लैक मनी पर अंकुश
  • कोर्ट केसों में कमी
  • सही व्यक्ति को मुआवज़ा
  • सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी

11. GPA वाले लोगों को अभी क्या करना चाहिए?

  • सभी सहायक दस्तावेज़ इकट्ठा करें
  • सत्यापन कैंप में जाएँ
  • कानूनी सलाह लें
  • संभव हो तो रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू करें

12. अंतिम फैसला कौन करता है?

  • अधिकारी दस्तावेज़ जमा करते हैं
  • अंतिम निर्णय प्रशासनिक और नीतिगत स्तर पर होता है
  • मुआवज़ा या तोड़फोड़ उसी आधार पर तय होती है

निष्कर्ष

दिल्ली में चल रहे डिमोलिशन अभियान के बीच
GPA पर मकान रखना सबसे बड़ा कानूनी जोखिम बन चुका है।
समय रहते कानूनी स्थिति समझना ही भविष्य की सुरक्षा है।

Also Read: Why is it important to understand GPA property rules after the Delhi government’s demolition decision?


कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Share post:

Popular

More like this
Related