Date:

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अपने इलाके में Bulldozer की दस्तक: शालीमार बाग में 273 घरों पर संकट

नई दिल्ली: दिल्ली के शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्रशासन द्वारा करीब 273 मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी की जानकारी सामने आई। यह इलाका दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का अपना विधानसभा क्षेत्र है, जिससे यह मामला राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील बन गया है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, बीते दो दिनों में एसडीएम, पटवारी और अन्य राजस्व अधिकारियों ने क्षेत्र में पहुंचकर मकानों पर मार्किंग की। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम सड़क चौड़ीकरण योजना के तहत उठाया जा रहा है। हालांकि, जिन मकानों पर निशान लगाए गए हैं, वे 40–50 साल पुराने, पक्के और आबाद घर बताए जा रहे हैं।

निवासियों में गुस्सा, ‘धोखा’ का आरोप

स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि किसी भी मकान को नहीं तोड़ा जाएगा, लेकिन अब हालात पूरी तरह उलट हैं। अचानक हुई मार्किंग से लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

निवासियों का आरोप है कि वे मुख्यमंत्री या उनके कार्यालय से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। “वोट मांगने के वक्त वे हमारे घर-घर आई थीं, लेकिन अब मिलने से इनकार किया जा रहा है,” एक निवासी ने कहा।

‘मुआवजा नहीं चाहिए, घर चाहिए’

प्रभावित परिवारों का कहना है कि एक-एक मकान में 3 से 6 परिवार रहते हैं, जिससे सैकड़ों लोग बेघर होने के खतरे में हैं। लोगों ने साफ कहा कि वे मुआवजा नहीं चाहते, बल्कि अपने घरों को सुरक्षित रखना चाहते हैं।

“अधिकारी सिर्फ निशान लगाकर चले गए। कोई नोटिस, कोई लिखित आदेश, कोई समाधान नहीं बताया गया,” लोगों ने सवाल उठाया कि जब सड़क पहले से मौजूद है तो मकान तोड़ने की जरूरत क्यों है।

मुख्यमंत्री और उनके पति को लेकर विवाद

निवासियों का आरोप है कि मुख्यमंत्री एक स्थानीय कार्यक्रम में शामिल हुए बिना पिछले रास्ते से निकल गईं, ताकि लोगों से सामना न हो। वहीं, मुख्यमंत्री के पति के कथित बयान—
“मैं तोड़ के मानूंगा”—ने लोगों के गुस्से को और भड़का दिया है।

प्रशासन का पक्ष

प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई सड़क चौड़ीकरण के लिए जरूरी है, लेकिन अब तक पुनर्वास, मुआवजा या वैकल्पिक व्यवस्था पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

राजनीतिक और सामाजिक तनाव बढ़ा

शालीमार बाग में यह मुद्दा अब एक बड़े राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। स्थानीय लोग इसे अन्यायपूर्ण और मनमानी कार्रवाई बता रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री स्वयं सामने आकर स्थिति स्पष्ट करें।

यह भी पढ़ें: शालीमार बाग में नोटिस के बाद सिर्फ 60 लोग आए सामने, ज़्यादातर ने GPA के आधार पर पेश किए दस्तावेज

Also Read: ‘No House Will Be Touched’ Promise Broken? Bulldozers Mark 273 Homes in Shalimar Bagh


कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Share post:

Popular

More like this
Related

समुद्र मंथन से निकला ऊर्जा का नया ‘अमृत’: अंडमान सागर में प्राकृतिक गैस की खोज से भारत के ऊर्जा मिशन को बड़ी ताकत

नई दिल्ली, 5 जून: भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अंडमान सागर में प्राकृतिक...

दिल्ली में अब नहीं चलेगा ‘सिस्टम फेलियर’ का बहाना? अवैध निर्माण, फायर नियम उल्लंघन और मिलीभगत पर आशीष सूद का बड़ा एक्शन प्लान

नई दिल्ली, 5 जून: मालवीय नगर अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार ने राजधानी में अवैध निर्माण, फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन और अधिकारियों की मिलीभगत के खिलाफ अब तक की...

कूड़े का स्रोत पर पृथक्करण ही दिल्ली के लैंडफिल खत्म करने की कुंजी: महापौर प्रवेश वाही

नई दिल्ली, 5 जून: दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने कहा है कि राजधानी के कूड़ा पहाड़ों को खत्म करने और स्वच्छ दिल्ली के लक्ष्य को हासिल करने का सबसे...

मालवीय नगर अग्निकांड के बाद एमसीडी का बड़ा एक्शन, 82 संपत्तियां ध्वस्त, 43 सील; अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर

नई दिल्ली, 5 जून: मालवीय नगर अग्निकांड के बाद दिल्ली में अवैध निर्माणों और भवन उपविधियों के उल्लंघन के खिलाफ दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने व्यापक अभियान शुरू किया है।...