नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में खुले नाले और ढके बिना छोड़े गए सीवर एक बार फिर घातक खतरे बनते जा रहे हैं। रोहिणी सेक्टर-32 में खुले सीवर में गिरने से 32 वर्षीय मजदूर की मौत हो गई। यह घटना 6 फरवरी को जनकपुरी में हुए गड्ढा हादसे के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है, जिसमें 25 वर्षीय युवक की जान चली गई थी।
Delhi Police के अनुसार, दोपहर 2:32 बजे पीसीआर कॉल मिली, जिसमें बेगमपुर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना दी गई। कॉल करने वाले आमिर हुसैन ने बताया कि उनका दोस्त बिरजू कुमार (निवासी: समस्तीपुर, बिहार) एक खाली डीडीए प्लॉट के पास बने खुले सीवर में गिरने की आशंका है।
पुलिस के बयान के मुताबिक, बिरजू कुमार अपने साथियों बुधन दास (33) और सूरज के साथ रात में झुग्गी लौटते समय संतुलन बिगड़ने से मैनहोल में गिर गया। पुलिस का दावा है कि कथित तौर पर नशे की स्थिति के कारण तुरंत सूचना नहीं दी जा सकी और अगली दोपहर अधिकारियों को जानकारी मिली।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, डीडीए और पुलिस की टीमों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पीड़ित को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है।
हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों के बयान पुलिस के दावे से अलग तस्वीर पेश करते हैं। स्थानीय निवासी सुनील कुमार ने बताया कि युवक महाशक्ति काली मंदिर के पास खुले नाले में गिरा था और कार्रवाई में देरी हुई। वहीं, तेजपाल यादव ने कहा कि 112 पर कॉल करने के बाद ही प्रशासन हरकत में आया और युवक पिछली रात से नाले में फंसा हुआ था।
घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। आम आदमी पार्टी के नेता Saurabh Bharadwaj ने इसे “बेहद शर्मनाक” बताते हुए Rekha Gupta सरकार पर नागरिक सुरक्षा में विफलता का आरोप लगाया।
यह एक सप्ताह में दिल्ली में दूसरी और दिल्ली-एनसीआर में तीसरी ऐसी मौत है, जो खुले नालों और सीवरों से जुड़ी बताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि सूचना में देरी, सुरक्षा चूक और सीवर की स्थिति सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

