नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के आउटर नॉर्थ ज़िले ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक हाई-प्रोफाइल हथियार सप्लाई और क्राइम सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और भारी मात्रा में अवैध हथियार, गोला-बारूद, नकदी, सोना-चांदी और एक बुलेटप्रूफ वाहन बरामद किया गया है।
यह संयुक्त कार्रवाई पीएस अलीपुर, एएटीएस और एबीएस की टीमों ने डीसीपी हरेश्वर स्वामी के नेतृत्व में अंजाम दी। क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों के मद्देनज़र पुलिस ने खुफिया तंत्र को मजबूत करते हुए यह ऑपरेशन चलाया।
केस 1: ताजपुर कलां में छापेमारी, मास्टरमाइंड गिरफ्तार
19 मार्च को मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ताजपुर कलां गांव में छापेमारी की। सबसे पहले अमित (37) को रोका गया, जिसके वाहन से एक अवैध हथियार और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए।
पूछताछ के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रदीप कुमार उर्फ नीतू उर्फ सहवाग (37) को गिरफ्तार किया। उसके साथ उसके सहयोगी साहिल (26) और विकास (25) को भी पकड़ा गया।
प्रदीप को इलाके का “बैड कैरेक्टर” बताया गया है, जिस पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसका संबंध कुख्यात टिल्लू गैंग से भी सामने आया है।
बड़ी बरामदगी: हथियार, नकदी, सोना और बुलेटप्रूफ गाड़ी
छापेमारी के दौरान पुलिस को एक संगठित आपराधिक नेटवर्क का खुलासा हुआ। बरामद सामान में शामिल हैं:
- हथियार: 1 शॉटगन, 2 अवैध पिस्टल, 1 रिवॉल्वर और 22 से अधिक जिंदा कारतूस
- नकदी व कीमती सामान: ₹19.78 लाख नकद, 916 ग्राम सोना, 940 ग्राम चांदी, 13 लग्जरी घड़ियां
- तकनीकी उपकरण: 27 मोबाइल फोन और 2 लैपटॉप (संभवतः सट्टेबाजी के लिए उपयोग)
- वाहन: एक विशेष रूप से मॉडिफाइड बुलेटप्रूफ स्कॉर्पियो और एक किआ सॉनेट कार
पुलिस का मानना है कि बुलेटप्रूफ वाहन का उपयोग बड़े आपराधिक घटनाओं में किया जाना था।
केस 2: बावाना में एएटीएस का ऑपरेशन, हथियार तस्करी का खुलासा
14 मार्च को एएटीएस टीम को सूचना मिली कि बावाना क्षेत्र में अवैध हथियारों का सौदा होने वाला है। पुलिस ने देर रात जाल बिछाया।
करीब 1:30 बजे दो मोटरसाइकिलों पर सवार आरोपी मौके पर पहुंचे। एक बाइक भागने में सफल रही, जबकि दूसरी बाइक फिसल गई और पुलिस ने दो आरोपियों को मौके पर पकड़ लिया। बाद में तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि सिंह (29), मोहम्मद साहिल (25) और मोहम्मद अकरम उर्फ साहिल (22) के रूप में हुई।



हथियारों की अतिरिक्त बरामदगी
आरोपियों के पास से पुलिस ने बरामद किए:
- कई देसी पिस्टल और रिवॉल्वर
- मैगज़ीन और दर्जनों जिंदा कारतूस
- अपराध में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल
- हथियार ले जाने के लिए इस्तेमाल किया गया बैग
कैसे काम करता था गिरोह?
जांच में सामने आया कि आरोपी अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में सक्रिय थे। ये लोग सुनसान इलाकों में डील करते थे और मोटरसाइकिल के जरिए तेजी से मूवमेंट करते थे ताकि पुलिस से बच सकें।
कुछ आरोपी सट्टेबाजी से जुड़े पैसों की वसूली के लिए धमकी और हिंसा का भी इस्तेमाल करते थे।
दोनों मामलों में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश, हथियारों की सप्लाई चेन और आर्थिक नेटवर्क की जांच कर रही है।
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि यह कार्रवाई संगठित अपराध के खिलाफ सख्त संदेश है और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

