नई दिल्ली: वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू हवाई यात्रियों को बड़ी राहत दी है। विमानन ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में संभावित भारी वृद्धि के बावजूद सरकार ने सीमित बढ़ोतरी लागू करने का फैसला लिया है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा 1 अप्रैल 2026 को सुबह 9:50 बजे किए गए आधिकारिक पोस्ट के अनुसार, भारत में एटीएफ की कीमतें वर्ष 2001 से डीरेगुलेटेड हैं और अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर हर महीने संशोधित की जाती हैं। हालांकि, इस बार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने और वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते एटीएफ की कीमतों में 100% से अधिक बढ़ोतरी की आशंका थी।
ATF prices in India were deregulated in 2001 and are revised on monthly basis based on a formula of international benchmarks. Due to the closure of Strait of Hormuz and extraordinary situation in global energy markets, price of ATF for domestic markets was expected to increase by…
— Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) April 1, 2026
ऐसी स्थिति में, मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ विचार-विमर्श के बाद बड़ा निर्णय लिया। इसके तहत घरेलू उड़ानों के लिए एटीएफ कीमतों में केवल 25% यानी लगभग ₹15 प्रति लीटर की आंशिक और चरणबद्ध बढ़ोतरी लागू की गई है।
सरकार का कहना है कि यह कदम घरेलू हवाई किरायों में अचानक वृद्धि को रोकने और यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि आम लोगों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एटीएफ कीमतों में पूरी बढ़ोतरी लागू की जाएगी, जैसा कि वैश्विक स्तर पर अन्य देशों में होता है।
सरकार का यह निर्णय वैश्विक बाजार की वास्तविकताओं और घरेलू यात्रियों के हितों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास माना जा रहा है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि वैश्विक स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे की रणनीति उसी के अनुसार तय की जाएगी।

