नई दिल्ली: हुमायूँ के मकबरे के पास निज़ामुद्दीन क्षेत्र की एक दरगाह में दीवार और छत ढहने की घटना में मरने वालों की संख्या सात हो गई है। शनिवार को इलाज के दौरान एक और व्यक्ति की मौत हो गई, पुलिस ने जानकारी दी।
यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे दरगाह शरीफ पट्टे शाह में हुआ। घटना के वक्त भारी बारिश के कारण लगभग 15 लोग दरगाह में शरण लिए हुए थे।
मृतकों की पहचान दक्षिण-पूर्व जिले के डीसीपी हेमंत तिवारी ने बताया कि मृतकों में चार पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं। इनमें से पांच की पहचान स्वरूप चंद (79), मोइनुद्दीन (37), अनीता सैनी (58), मीना अरोड़ा (56) और उनकी बेटी मोनू अरोड़ा (25) के रूप में हुई है। ये लोग मलकागंज, भोगल और वसंत कुंज एन्क्लेव के निवासी थे।
इलाज के दौरान मौतें पुलिस के अनुसार, पांच लोगों की मौत एआईआईएमएस ट्रॉमा सेंटर में, जबकि एक-एक व्यक्ति की मौत एलएनजेपी और सफदरजंग अस्पताल में हुई। घायलों में मो. शमीम, आर्यन, गुड़िया, रफ़त परवीन और रानी (65) शामिल हैं।
डीसीपी ने बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 290 (इमारतों के निर्माण/मरम्मत में लापरवाही), धारा 125 (मानव जीवन को खतरे में डालना) और धारा 106 (लापरवाही से मौत का कारण बनना) के तहत केस दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि दरगाह की दो जर्जरित कोठरियां — एक इमाम के कब्ज़े में और दूसरी आरामगाह — भारी बारिश के कारण ध्वस्त हो गईं। मौके से 12 लोगों को मलबे से निकाला गया था।
यह दरगाह 16वीं शताब्दी के मुगल स्मारक हुमायूँ के मकबरे से सटी हुई है। फिलहाल क्षेत्र को सील कर दिया गया है और नागरिक एजेंसियों को जांच के लिए सूचना दे दी गई है।