नई दिल्ली: Municipal Corporation of Delhi (MCD) के विशेष सदन की बैठक बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रही, जिसमें वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित बजट अनुमान और 2026-27 के बजट प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
बैठक की शुरुआत में सदन ने वार्ड संख्या 150 (ग्रीन पार्क) की दिवंगत पार्षद स्व. सरिता फोगाट को श्रद्धांजलि देते हुए शोक प्रस्ताव पारित किया।
विशेष बैठक के दौरान 40 पार्षदों ने बजट पर चर्चा में हिस्सा लिया और निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत करने तथा शहरी सेवाओं में सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। पार्षदों ने बजट को दिल्ली के भविष्य का रोडमैप बताते हुए आगामी वित्त वर्ष में वार्ड स्तर पर स्थानीय विकास निधि को ₹2 करोड़ करने के प्रस्ताव का स्वागत किया।
राजस्व बढ़ाने के लिए पार्षदों ने साइनबोर्ड नीति में सुधार, नगर निगम की संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग, मॉलों में विज्ञापन से आय बढ़ाने और टोल टैक्स प्रणाली को मजबूत करने के लिए एक समिति गठित करने की सिफारिश की। इसके साथ ही अवैध मांस दुकानों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई।
अन्य सुझावों में वार्डों में सार्वजनिक यूरिनल की व्यवस्था, पार्कों में एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का निर्माण, पार्किंग माफिया पर नियंत्रण, प्रत्येक वार्ड में हर्बल गार्डन और वातानुकूलित सामुदायिक भवन की स्थापना, आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान, प्रदूषण नियंत्रण तथा शिक्षा के लिए विशेष बजट—खासकर स्कूलों में बच्चों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने—जैसे मुद्दे शामिल रहे।
पार्षदों ने सफाई कर्मचारियों की भर्ती और उचित वर्गीकरण, साथ ही निगम की आय बढ़ाने के लिए स्कूलों और सामुदायिक भवनों में एटीएम लगाने का सुझाव भी दिया।
चर्चा के बाद Sardar Raja Iqbal Singh, दिल्ली के महापौर, ने छह घंटे चली बजट चर्चा में भाग लेने और सार्थक सुझाव देने के लिए सभी पार्षदों का धन्यवाद किया। उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को एमसीडी को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए आभार व्यक्त किया।
महापौर ने कहा कि बजट चर्चा का उद्देश्य वार्ड या निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को उठाना नहीं, बल्कि नगर निगम की आय बढ़ाने और उसे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का रोडमैप तैयार करना है। उन्होंने दोहराया कि भारतीय जनता पार्टी दिल्ली के नागरिकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।
महापौर ने यह भी स्पष्ट किया कि राजस्व बढ़ाने से जुड़े कई सुझावों को अंतिम बजट में शामिल किया जाएगा और दिल्ली को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने की दिशा में निगम लगातार काम करता रहेगा।

