नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (MCD) की विशेष सदन बैठक सोमवार को आयोजित की गई, जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 के संशोधित बजट अनुमान और 2026-27 के बजट प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में करीब 28 पार्षदों ने हिस्सा लिया और निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत करने तथा दिल्ली के समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से कई अहम सुझाव रखे। पार्षदों ने अवैध पार्किंग के लाइसेंसिंग के जरिए राजस्व बढ़ाने, बड़े नगर निगम स्कूलों में PPP मॉडल के तहत स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने और ग्रीन वेस्ट के वैज्ञानिक उपयोग से प्रदूषण नियंत्रण जैसे प्रस्तावों पर जोर दिया।
इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष बजटीय प्रावधान, प्रत्येक वार्ड में महिला कर्मचारियों के लिए विश्राम गृह, हर वार्ड में JCB और सुपर सकर मशीनों की उपलब्धता, तथा यूनिपोल्स का सर्वे कर अतिरिक्त आय सृजन जैसे सुझाव भी चर्चा में आए। अतिक्रमण के खिलाफ एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने और इसके लिए बजट में अलग प्रावधान करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
कई पार्षदों ने बजट की सराहना करते हुए इसे दिल्ली के भविष्य के विकास का रोडमैप बताया, जो स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक को संबोधित करते हुए मेयर सरदार राजा इकबाल सिंह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को एमसीडी को वित्तीय सहयोग देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि नगर निगम का लक्ष्य दिल्ली को स्वच्छ, हरित और सुंदर शहर बनाना है और प्रस्तुत बजट उसी दिशा में एक ठोस पहल है।
मेयर ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी की ट्रिपल इंजन सरकार—केंद्र, दिल्ली सरकार और नगर निगम—दिल्ली को कूड़े के पहाड़ों से मुक्त कर बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी पार्षदों से अपील की कि वे आगामी बजट चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लें और निगम की आय बढ़ाने के लिए रचनात्मक सुझाव दें।
मेयर के अनुसार, एमसीडी का यह बजट दिल्ली के विकास को तेज़ करेगा और राजधानी के नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सहायक सिद्ध होगा।

