नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) ने रविवार को दिल्ली सरकार की स्कूली छात्राओं के लिए लगभग ₹90 करोड़ के साइकिल खरीद टेंडर में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए दावा किया कि पूरी प्रक्रिया एक पूर्व-निर्धारित विक्रेता को लाभ पहुंचाने के लिए तैयार की गई और इससे लगभग ₹6 करोड़ की वित्तीय अनियमितता हुई।
पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने प्रेसवार्ता में दावा किया कि कक्षा 9 की छात्राओं के लिए खरीदी गई करीब एक लाख साइकिलों के टेंडर में बाजार में लगभग ₹4,100 में उपलब्ध साइकिलों की खरीद लगभग ₹6,957 प्रति साइकिल की दर से की गई।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC), उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री को लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि टेंडर की पात्रता शर्तें इस तरह तय की गईं कि केवल एक चुनिंदा कंपनी ही पात्र हो सके। उनका दावा था कि लगभग ₹90 करोड़ के टेंडर के लिए ₹360 करोड़ का टर्नओवर अनिवार्य किया गया, जो सामान्य मानकों और सीवीसी दिशानिर्देशों के विपरीत है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सबसे हाल के वित्तीय वर्ष के टर्नओवर को जानबूझकर पात्रता से बाहर रखा गया ताकि कुछ कंपनियां प्रतिस्पर्धा में भाग न ले सकें।
AAP नेता ने यह भी दावा किया कि टेंडर प्रक्रिया में सामान्य रूप से आयोजित होने वाली प्री-बिड बैठक नहीं रखी गई, जिससे संभावित बोलीदाताओं को आपत्तियां और सुझाव रखने का अवसर नहीं मिला।
भारद्वाज ने कहा कि शिकायतों के अनुसार अन्य राज्यों में कम कीमत पर समान माउंटेन टेरेन साइकिल उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को भी इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया।
उन्होंने इन आरोपों की तुलना दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कथित खरीद घोटाले से करते हुए कहा कि दोनों मामलों में टेंडर प्रक्रिया को चुनिंदा विक्रेताओं के पक्ष में तैयार किया गया।

