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एमसीडी ने वरिष्ठ अभियंताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया, एआई आधारित बुनियादी ढांचा विकास पर विशेष जोर

नई दिल्ली, 1 जून: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने सोमवार को अपने वरिष्ठ अभियंताओं के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इंजीनियरिंग अधिकारियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), आधुनिक तकनीकों और नवीनतम अवसंरचना प्रबंधन प्रणालियों से परिचित कराना है, ताकि राजधानी में नागरिक सुविधाओं और सार्वजनिक परियोजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एमसीडी के योजना विभाग द्वारा राष्ट्रीय सीपीडब्ल्यूडी अकादमी, गाजियाबाद के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में 100 से अधिक वरिष्ठ अभियंताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यकारी अभियंता तथा विभिन्न जोनों और मुख्यालय के अधिकारी शामिल हैं।

कार्यक्रम का उद्घाटन एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तेजी से विकसित हो रही तकनीकों का युग है, इसलिए इंजीनियरों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए निरंतर सीखना और अपने तकनीकी ज्ञान को अद्यतन रखना अत्यंत आवश्यक हो गया है।

एमसीडी ने वरिष्ठ अभियंताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया, एआई आधारित बुनियादी ढांचा विकास पर विशेष जोर

उन्होंने कहा कि एआई आधारित तकनीकें भविष्य में सार्वजनिक अवसंरचना परियोजनाओं की योजना, निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण, अनुबंध प्रबंधन और निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बना सकती हैं।

खिरवार ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ संकाय द्वारा साझा किए जाने वाले अनुभव और तकनीकी ज्ञान से अधिकारियों की क्षमता में वृद्धि होगी और वे दिल्ली में बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों को अपनाने और इंजीनियरिंग अधिकारियों के कौशल विकास पर जोर देने से दिल्ली में सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे के विकास को नई दिशा मिलेगी।

कार्यक्रम में एमसीडी के अतिरिक्त आयुक्त (इंजीनियरिंग) एल.डी. मेघवाल, इंजीनियर-इन-चीफ पी.सी. मीणा, योजना सलाहकार मनीष रस्तोगी तथा सीपीडब्ल्यूडी के अतिरिक्त महानिदेशक (प्रशिक्षण एवं अनुसंधान) मनोज कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य सिविल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों की तकनीकी क्षमता, निर्णय लेने की दक्षता और परियोजना प्रबंधन कौशल को मजबूत करना है। अधिकारियों का मानना है कि इससे सार्वजनिक परियोजनाओं के बेहतर संचालन और समयबद्ध क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान सामान्य अनुबंध शर्तें (जीसीसी), अनुबंध प्रबंधन, गुणवत्ता आश्वासन, सीपीडब्ल्यूडी मैनुअल, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) परियोजनाएं तथा सिविल इंजीनियरिंग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की जा रही है।

सीपीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ इंजीनियर भी कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं और अवसंरचना विकास, परियोजना निष्पादन तथा नई तकनीकों के उपयोग पर अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।

एमसीडी अधिकारियों के अनुसार, यह पहल दिल्ली में तकनीक आधारित शहरी प्रशासन को बढ़ावा देने और इंजीनियरिंग कार्यबल को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रशिक्षण सत्रों के दौरान विभिन्न जोनों से आए अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए अनुबंध प्रबंधन, इंजीनियरिंग मानकों और परियोजना कार्यान्वयन से जुड़े मुद्दों पर विशेषज्ञों से चर्चा की।

नगर निगम को उम्मीद है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से परियोजनाओं के बेहतर प्रबंधन, सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तथा दिल्ली में तकनीक आधारित नागरिक अवसंरचना विकास को गति मिलेगी।

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