नई दिल्ली, 1 जून: दिल्ली सरकार ने राजधानी में रह रहे 1,832 जम्मू-कश्मीर प्रवासी परिवारों के लिए वन टाइम एमनेस्टी योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों तक राहत को अधिक सम्मानजनक, पारदर्शी और सहज तरीके से पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर से विस्थापित अनेक परिवार दशकों से अपने संघर्ष और यादों के साथ जीवन व्यतीत कर रहे हैं। सरकार उनके लिए राहत व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
योजना के तहत पात्र परिवारों को एड-हॉक मासिक राहत (Ad-Hoc Monthly Relief) प्रदान की जाएगी।
सरकार ने राहत प्राप्त करने के लिए लागू आय और अचल संपत्ति संबंधी पात्रता शर्तों को समाप्त करने का निर्णय लिया है, जिससे अधिक परिवारों को योजना का लाभ मिल सकेगा।
इसके अलावा, सहायता राशि का भुगतान आधार आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित होगा।
दिल्ली सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के तहत ₹30 करोड़ का बजटीय प्रावधान भी किया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पहल जम्मू-कश्मीर से विस्थापित परिवारों तक राहत को अधिक सम्मानजनक और बिना अनावश्यक प्रक्रियाओं के पहुंचाने का प्रयास है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस योजना से दिल्ली में रह रहे सैकड़ों प्रवासी परिवारों को लाभ मिलेगा, जो वर्षों से विभिन्न सरकारी सहायता योजनाओं पर निर्भर हैं।
दिल्ली सरकार का कहना है कि यह निर्णय कमजोर और जरूरतमंद समुदायों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है तथा तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से कल्याणकारी लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

