नई दिल्ली, 7 जून: मालवीय नगर स्थित फ्लोरिस्टे होटल अग्निकांड में अब जांच का फोकस होटल के कुक केशव नेगी पर आ गया है। दिल्ली पुलिस का मानना है कि आग लगने के बाद उठाए गए कुछ कदमों ने हादसे को और भयावह बना दिया। इस बीच इलाज के दौरान एक विदेशी नागरिक की मौत हो जाने से मृतकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है।
दिल्ली पुलिस ने मामले में होटल मालिक लवकेश बजाज और कुक केशव नेगी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी जय मिश्रा की तलाश जारी है, जो घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है।
क्या रसोई से शुरू हुई थी आग?
पुलिस पूछताछ में केशव नेगी ने दावा किया है कि रसोई में इलेक्ट्रिक स्टोव चालू करने के कुछ ही देर बाद विस्फोट जैसी घटना हुई और देखते ही देखते आग पूरी इमारत में फैल गई।
हालांकि पुलिस और फॉरेंसिक टीम यह जांच कर रही है कि आग वास्तव में तकनीकी खराबी से लगी थी या फिर रसोई में बरती गई लापरवाही इसकी वजह बनी।
बिजली बंद करने से फंस गए मेहमान?
जांच में सबसे बड़ा सवाल उस फैसले को लेकर उठ रहा है जिसमें केशव नेगी ने आग लगने के बाद भवन की मुख्य बिजली सप्लाई बंद कर दी थी।
पुलिस को आशंका है कि बिजली बंद होने के कारण होटल में लगे इलेक्ट्रॉनिक डोर लॉकिंग सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया, जिससे कई मेहमान धुएं और आग के बीच कमरों में ही फंस गए।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या इस कदम ने मौतों की संख्या बढ़ाने में भूमिका निभाई।
रेस्क्यू में देरी और सुरक्षा खामियां भी सामने आईं
दिल्ली पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि होटल में वेंटिलेशन और आपातकालीन निकासी व्यवस्था में गंभीर खामियां थीं।
बेसमेंट का रास्ता बंद होने के कारण बचाव दल को दरवाजे तोड़कर अंदर प्रवेश करना पड़ा। इससे शुरुआती रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी हुई और कई लोगों तक समय पर मदद नहीं पहुंच सकी।
पुलिस होटल से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किस स्तर तक की गई थी।
केशव नेगी की गिरफ्तारी पर बढ़ा विवाद
केशव नेगी की गिरफ्तारी के बाद उत्तराखंड में भी इस मामले को लेकर प्रतिक्रिया देखने को मिली है।
उत्तराखंड के कुछ संगठनों और लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इसके बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से बातचीत की।
धामी ने बताया कि दिल्ली की मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होगा और जांच पूरी निष्पक्षता से की जाएगी।
मालवीय नगर हादसे के बाद दिल्ली में बुलडोजर एक्शन
इस अग्निकांड के बाद दिल्ली में अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली इमारतों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू कर दिया गया है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से अब तक 94 अवैध निर्माण ध्वस्त किए जा चुके हैं और 114 संपत्तियों को सील किया गया है।
एमसीडी और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीमें शहरभर में ऐसे भवनों की पहचान कर रही हैं जो बिल्डिंग बायलॉज और अग्नि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
रेखा सरकार का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण को लेकर अब जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।
उन्होंने चेतावनी दी है कि केवल भवन मालिक ही नहीं, बल्कि लापरवाही बरतने वाले सरकारी अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। दोषी अधिकारियों के खिलाफ वेतन कटौती से लेकर विभागीय और कानूनी कार्रवाई तक की जा सकती है।
मालवीय नगर अग्निकांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अवैध निर्माण, सुरक्षा नियमों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही किस तरह दर्जनों लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। वहीं, कुक केशव नेगी की गिरफ्तारी और दिल्लीभर में चल रही बुलडोजर कार्रवाई अब इस पूरे मामले का सबसे बड़ा केंद्र बन गई है।

