नई दिल्ली, 2 जुलाई: दिल्ली सरकार ने निजी गैर-सहायता प्राप्त (Unaided) स्कूलों में मनमाने ढंग से फीस बढ़ाए जाने पर रोक लगाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सभी ऐसे स्कूलों में स्कूल लेवल फीस रेगुलेशन कमेटी (SLFRC) के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रक्रिया Delhi School Education (Transparency in Fixation and Regulation of Fees) Act, 2025 के तहत शुरू की गई है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में अब निजी स्कूलों में फीस निर्धारण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और अभिभावक-केंद्रित होगी। किसी भी निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूल द्वारा फीस बढ़ाने से पहले निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा तथा अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
शिक्षा मंत्री के अनुसार, नई व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों और अभिभावकों के हितों की रक्षा करना तथा स्कूल फीस निर्धारण में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करना है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि स्कूल लेवल फीस रेगुलेशन कमेटियां (SLFRC) फीस निर्धारण और उसकी समीक्षा की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाएंगी। इससे निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
आशीष सूद ने कहा कि सरकार की इस पहल का आधार तीन प्रमुख सिद्धांत हैं—पारदर्शी व्यवस्था, अभिभावकों की भागीदारी और मनमानी फीस वृद्धि पर रोक।
दिल्ली सरकार का मानना है कि Delhi School Education (Transparency in Fixation and Regulation of Fees) Act, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन से राजधानी के लाखों अभिभावकों को राहत मिलेगी तथा निजी स्कूलों में फीस निर्धारण की प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।

